पेयजल की समस्या वाली पंचायतों पर रखें नजर : डीसीएलआर

प्रखंड मुख्यालय परिसर में डीसीएलआर शशिभूषण की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक की गयी. आरंभ में पंचायत में चल रही विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार चर्चा की गयी.

राजपुर.

प्रखंड मुख्यालय परिसर में डीसीएलआर शशिभूषण की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक की गयी. आरंभ में पंचायत में चल रही विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार चर्चा की गयी. पेयजल जैसी गंभीर समस्या पर जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि गर्मी के मौसम में पश्चिमी क्षेत्र के मंगराव, नागपुर, खीरी पंचायत के सभी गांव में भूमिगत जलस्तर नीचे हो जाने से गंभीर समस्या हो जाती है. ऐसे में इन पंचायतों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. बीडीओ सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि बाल विकास परियोजना विभाग के तरफ से मिली जानकारी के अनुसार अब तक सभी पंचायत में लगभग 29 केंद्रों के लिए भवन नहीं है. जिसके लिए शीघ्र ही अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर उसके लिए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. नल जल योजना में अनुरक्षक भुगतान के मामले पर कुछ देर तक बहस होता रहा. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के तरफ से बताया गया कि पंचायत में जमीन दाता बार-बार आवेदन देकर अनुरक्षक भुगतान के लिए मांग कर रहे हैं. सरकार के निर्देश पर वार्ड सदस्य को ही अनुरक्षक माना जा रहा है. ऐसे में इसका भुगतान संबंधित वार्ड सदस्य को ही किया जा रहा है. इसके संबंध में बीपीआरओ ममता कुमारी ने कहा कि इसके लिए सरकार के तरफ से कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है. पंचायतीराज विभाग के तरफ से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को यह जिम्मेदारी देने के बाद उस समय विभागीय निर्देश था कि अगर कोई जमीन दाता राज्यपाल के नाम से जमीन दान करता है तो उसे अनुरक्षक माना जायेगा. इस तरह के मामले बहुत कम है. ऐसे में इससे संबंधित स्पष्ट कोई गाइडलाइन नहीं है. बिजली विभाग के तरफ से बड़ी गड़बड़ी की गयी है. बिजली बिल गलत भेजा गया है. कुछ ऐसे भी नल जल हैं, जो गड़बड़ी की वजह से बंद पड़ा है. इसका भी बिजली का बिल आ गया है. यह सबसे बड़ी कमी है. इसका जवाब देने के लिए बिजली विभाग के तरफ से अधिकारी मौजूद नहीं रहे. जिनकी अनुपस्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई हेतु वरीय पदाधिकारी को अवगत कराने की बात कही गयी. शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के तरफ से की गई पहल पर धनसोई एवं तियरा प्लस टू हाइस्कूल में डिजिटल पुस्तकालय खोलना है. जिस पर पहल करने के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराया गया. आंगनबाड़ी केंद्रों पर जांच के दौरान पाया गया कि समय पर टीएचआर का वितरण नहीं किया जा रहा है. जिसमें सुझार लाने के लिए सुझाव भी दिया गया. इस बैठक में बीपीआरओ बीइओ हृषिकेश कुमार सिंह, एमओ धर्मवीर भारती, पीओ मोहम्मद सज्जाद जहीर के अलावे अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

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