बक्सर में बारिश की कमी से धान की रोपनी प्रभावित, लक्ष्य के मुकाबले केवल 3 प्रतिशत खेती हुई

Buxar News : बक्सर में पर्याप्त बारिश न होने से धान की रोपनी का काम बुरी तरह प्रभावित है. खेतों में पानी की कमी और नहरों में अपर्याप्त जलस्तर के कारण किसान चिंता में हैं. मात्र 60 हेक्टेयर में रोपनी हुई है, जो लक्ष्य का सिर्फ 3% है.

Buxar News : प्रखंड क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की रोपनी का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. खेतों में पानी की कमी के कारण किसान रोपनी शुरू नहीं कर पा रहे हैं. धान का बिचड़ा पूरी तरह तैयार है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. वहीं, नहरों में भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से सिंचाई की समस्या बनी हुई है.

1,955 हेक्टेयर लक्ष्य, अब तक केवल 60 हेक्टेयर में रोपनी

प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवम वर्मा ने बताया कि इस वर्ष प्रखंड में 1,955 हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके मुकाबले अब तक केवल लगभग 60 हेक्टेयर भूमि पर ही रोपनी हो सकी है, जो कुल लक्ष्य का करीब तीन प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो धान की खेती गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है.

बारिश का इंतजार कर रहे किसान

किसान पप्पू यादव, पिंटू दुबे, संजय कुमार, सोनू तिवारी सहित अन्य किसानों का कहना है कि धान का बिचड़ा तैयार होने के बावजूद खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से रोपनी का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है. किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, ताकि खेती का काम समय पर पूरा किया जा सके.

लागत बढ़ने और उत्पादन घटने की चिंता

किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं होने से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा, जिससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और फसल की उपज पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है. किसानों ने उम्मीद जताई कि जल्द अच्छी बारिश होगी और धान की रोपनी का कार्य रफ्तार पकड़ सकेगा.

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By Girish divedi

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