Buxar News : डुमरांव क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई झमाझम बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी थी, वहीं अब मौसम ने फिर से करवट ले ली है. तेज धूप और बढ़ती उमस ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
बारिश के बाद निकली तेज धूप ने उमस को और बढ़ा दिया है. सुबह 10 बजे के बाद ही धूप इतनी तीखी हो जाती है कि सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो जाती है. दोपहर होते-होते बाजार और सड़कें लगभग सुनसान नजर आने लगती हैं.
धूप और उमस से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा परेशानी उमस के कारण हो रही है. घरों में पंखा और कूलर चलाने के बावजूद राहत नहीं मिल रही है. पसीना लगातार निकल रहा है और लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं.
मौसम में नमी होने की वजह से गर्मी और ज्यादा महसूस हो रही है. कई लोग जरूरी काम भी सुबह या शाम के समय ही निपटा रहे हैं ताकि दोपहर की तपिश से बचा जा सके.
धान रोपनी पर असर
इस समय खेतों में धान रोपनी का काम जोरों पर है, लेकिन तेज धूप ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. किसान सुबह बहुत जल्दी और शाम ढलने के बाद ही खेतों में काम कर पा रहे हैं.
दोपहर की गर्मी के कारण मजदूरों को खेत में टिकना मुश्किल हो रहा है. कई किसान सिर पर गमछा बांधकर और पानी की बोतल साथ लेकर खेतों में उतर रहे हैं ताकि खुद को लू और गर्मी से बचा सकें.
किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हाल की बारिश से खेतों में नमी तो बनी है, जिससे रोपनी का काम शुरू हो गया है, लेकिन अब बढ़ती गर्मी काम में बाधा डाल रही है. उनका कहना है कि अगर इसी तरह धूप तेज रही तो रोपनी का काम धीमा पड़ सकता है.
लोगों को फिर बारिश का इंतजार
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर अगले कुछ दिनों में फिर से बारिश हो जाती है तो गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है. अभी मौसम में नमी बनी हुई है, जिससे आसमान में कभी-कभी बादल भी दिखाई दे रहे हैं.
लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मौसम फिर बदलेगा और बारिश से राहत मिलेगी. फिलहाल बढ़ती गर्मी और उमस ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है.
आगे की स्थिति
मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में लोगों को और सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर किसानों के लिए यह समय अहम है, क्योंकि धान रोपनी का काम मौसम पर ही निर्भर करता है.
अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो न सिर्फ आम लोगों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि खेती पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. ऐसे में सभी की नजर अब आसमान पर टिकी हुई है.
