Buxar News : बक्सर जिला के केसठ प्रखंड के बैजनाथपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित मारुति नंदन यज्ञ में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. कथावाचक प्रज्ञा पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनकी बाल लीलाओं और जीवन से जुड़े प्रसंगों की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया.
अत्याचार से मुक्ति के लिए हुआ था श्रीकृष्ण का अवतार
कथा के दौरान प्रज्ञा पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचार से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए अवतार लिया था. महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म और सत्य का साथ दिया. उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते हैं. कलियुग में ईश्वर का नाम ही मुक्ति का प्रमुख आधार है.
कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया
कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके बाल सखा सुदामा की मित्रता का प्रसंग भी सुनाया. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने बिना मांगे ही सुदामा को संसार की सभी सुख-सुविधाएं प्रदान कर दीं, लेकिन सुदामा ने सांसारिक वस्तुओं का त्याग कर दिया. कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आये.
अखंड हरिकीर्तन और भंडारे के साथ होगा यज्ञ का समापन
यज्ञ के व्यवस्थापक शिवशंकर तिवारी, अजीत तिवारी उर्फ मनु बाबा एवं शुभम तिवारी ने बताया कि मंगलवार को अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया जायेगा. बुधवार को हवन-पूजन और भव्य भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा. वहीं, बनारस के हरेंद्र शास्त्री जी महाराज ने भी कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया. कार्यक्रम का संचालन शंभू तिवारी ने किया.
