Buxar News: कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय...

लोक आस्था के चार दिवसीय चैती छठ के तीसरे दिन गुरुवार की शाम अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया गया.

बक्सर

. लोक आस्था के चार दिवसीय चैती छठ के तीसरे दिन गुरुवार की शाम अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया गया. लालिमा के साथ डूबते सूर्य को व्रतियों ने प्रणाम किया और आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न तरह के मौसमी फलों से सजे सूप से अर्घ्य अर्पित किया.

महापर्व के चौथे दिन शुक्रवार को तड़के भगवान भास्कर के उदीयमान स्वरूप को दूसरा अर्घ्य दिया जायेगा. दूसरे अर्घ्य के बाद छठी मइया का प्रसाद ग्रहण कर पारण के साथ व्रत का समापन किया जायेगा. कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय…आदि छठी मइया के पारंपरिक गीत गाते हुए महिला व्रती छठ घाटों पर पहुंचे. उनके साथ पूजन सामग्रियों व फलों से सजे दउरा लेकर परिजन व सगे-संबंधी भी गए. घाट पर पहुंचने के बाद व्रतियों ने छठी मइया के प्रतिक बेदी पर कलश रखा और गंध, पुष्प, धूप, दीप, फल आदि चढ़ाकर पारंपरिक तरीके से पूजन-अर्चन कर गीत गाते हुए भगवान सूर्य को डूबने का इंतजार किए. सूर्योपासना का चार दिनी महाव्रत चैती छठ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से लेकर सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है. महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय के साथ व्रत का अनुष्ठान किया जाता है. दूसरे दिन खरना का व्रत संपन्न कर 36 घंटे का निर्जला उपवास रखा जाता है, जबकि तीसरे दिन भगवान सूर्य के अस्ताचलगामी स्वरूप तथा आखिरी दिन उदीयमान सूर्य के स्वरूप को अर्घ्य अर्पित का विधान पूरा किया जाता है. शहर से लेकर गांव तक उत्सवी माहौल में मना महापर्व : चैती छठ महापर्व शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मनाया गया. इसको लेकर लोगों का उत्साह देखते बन रहा था. गंगा घाटों से लेकर नदी-तालाबों के किनारे व्रतियों का तांता लग गया था. बक्सर नगर स्थित रामरेखाघाट, सती घाट व नाथ बाबा घाट पर व्रतियों का सैलाब इस कदर उमड़ गया था कि वहां तिल रखने तक की जगह नहीं थी. खचाखच भीड़ के कारण घाटों पर जाने में व्रतियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी. आलम यह था कि घाटों तक पहुंचने में लोगों की हालत खराब हो रही थी. नौका परिचालन पर प्रतिबंध का नाविकों ने दिखाया ठेंगा : छठ महापर्व पर विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक अलर्ट जारी किया गया था. इसके तहत छठ घाटों पर दंडािधकिारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ जिला बल के जवानों को मुस्तैद किया गया था. वही ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम रखने हेतु यातायात पुलिस को भी सतर्क कराया गया था. परंतु धरातल पर यह प्रशासनिक इंतजाम दिखावा बनकर रह गया था. नतीजा यह था कि रामरेखाघाट के नजदीक तक लोग बाइक लेकर चले जा रहे थे. वही यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई थी. हद तो यह कि प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद नाविकों द्वारा धड़ल्ले से गंगा में नावों का परिचालन किया जा रहा था. जायजा को छठ घाट पर पहुंचे एसपी व एसडीओ : प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लेने के लिए रामरेखाघाट समेत अन्य घाटों पर पुलिस कप्तान शुभम आर्य सदलबल पहुंचे और मातहतों को आवश्यक हिदायत दिए. इसी तरह नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि नियामतुल्ला फरीदी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी धीरेन्द्र कुमार मिश्र, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता भी घाटों पर पहुंचे और भ्रमण का वहां के इंतजाम से रूबरू हुए.

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