बक्सर: गंगा में खतरे की घंटी, लाल निशान से महज 11 सेमी नीचे पहुंचा जलस्तर, तटबंध की निगरानी बढ़ी प्रशासन अलर्ट,

बक्सर में गंगा नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

Buxar News : ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. बक्सर में गंगा खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गयी है. मंगलवार की शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 60.21 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से महज 11 सेंटीमीटर नीचे है. लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती और दियारा इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कई निचले इलाकों का सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है.

दस घंटे में 19 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 60.02 मीटर था. दोपहर दो बजे यह बढ़कर 60.17 मीटर और शाम छह बजे 60.21 मीटर पहुंच गया. यानी महज दस घंटे में जलस्तर में 19 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी. पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो गंगा जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकती है.

सहायक नदियों में भी बढ़ा पानी, खेतों में पहुंची बाढ़

गंगा के बढ़ते दबाव का असर जिले से गुजरने वाली सहायक नदियों पर भी दिखाई देने लगा है. कर्मनाशा, ठोरा, भैंसही और धर्मावती नदियों का जलस्तर बढ़ने से इनका पानी मैदानी इलाकों में फैल रहा है. निचले क्षेत्रों में खेतों में पानी पहुंचने से धान समेत अन्य फसलों के प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है.

प्रशासन अलर्ट, तटबंध की निगरानी बढ़ी

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है. जिला पदाधिकारी साहिला ने सिमरी अंचलाधिकारी को आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक और प्रशिक्षित गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. आवश्यकता पड़ने पर लोगों के सुरक्षित आवागमन और बचाव के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था रखने को कहा गया है. वहीं बक्सर-कोइलवर तटबंध की निगरानी भी बढ़ा दी गयी है.

रामरेखाघाट समेत कई घाट जलमग्न

गंगा के उफान का असर बक्सर शहर के घाटों पर भी दिखने लगा है. प्रसिद्ध रामरेखाघाट स्थित विवाह मंडप तक गंगा का पानी पहुंच गया है और घाट का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है. यहां तेज धारा के कारण स्नान करना जोखिम भरा हो गया है. नाथ बाबा घाट, सती घाट, जहाजघाट और गोलाघाट पर भी पानी ऊपर चढ़ गया है.

श्मशान घाट पर भी बढ़ी परेशानी

गंगा का पानी श्मशान घाट तक पहुंचने से शवदाह में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पानी के बीच किसी तरह अंतिम संस्कार किया जा रहा है. जलस्तर में और वृद्धि होने पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका जतायी जा रही है.

ठोरा नदी का पानी गांवों में फैला

गंगा के बढ़ते दबाव के कारण ठोरा नदी भी उफान पर है. नदी का पानी सदर प्रखंड के गोविंदपुर, लरई, मिलिकियां, कोड़रवां और हरिपुर सहित आसपास के इलाकों में फैल गया है. इससे इन गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है. खेतों में खड़ी धान की फसल भी पानी में डूब गयी है.

सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व उपमुखिया संजय राय उर्फ मुन्ना राय ने बताया कि गांवों में आने-जाने के लिए लोगों को परेशानी हो रही है. उनके अनुसार, प्रशासन की ओर से अभी नाव उपलब्ध नहीं करायी गयी है और ग्रामीण किसी तरह गांव से बाहर निकल रहे हैं.

दियारा इलाकों में गहराया बाढ़ का संकट

गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से चौसा, बक्सर, सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर प्रखंड के निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है. कई गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है. खेतों में पानी भरने से फसलें डूब गयी हैं, जबकि पशुपालकों के सामने चारे का संकट भी खड़ा होने लगा है.

प्रशासन ने लोगों से नदी और बाढ़ के पानी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

1.गंगा के पानी मे डूबे घाट 2. सड़क पर फैला ठोरा नदी के पानी | Prabhat Khabar Network
1.गंगा के पानी मे डूबे घाट 2. सड़क पर फैला ठोरा नदी के पानी | Prabhat Khabar Network
1.गंगा के पानी मे डूबे घाट 2. सड़क पर फैला ठोरा नदी के पानी | Prabhat Khabar Network

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By ओंकार नाथ मिश्रा

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