बक्सर
. गुरुवार को प्रभात खबर में पेज दो पर प्रकाशित खबर नप के 14 सफाई पर्यवेक्षक हटाये गये छपने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया. खबर छपने के बाद हटाए गए पांच पर्यवेक्षक काम पर वापस लौट आये. इधर खबर छपने के बाद कई वार्ड पार्षदों ने कहा कि बिना हम लोगों की सहमति के आखिर किस आधार पर ये लोग हटाये गये. गौरतलब है कि बक्सर शहर की साफ-सफाई की देखरेख के लिए आउटसोर्सिंग पर रखे गए तकरीबन एक दर्जन सफाई पर्यवेक्षक हटाये गये थे. ये सफाई पर्यवेक्षक किसके आदेश पर हटाये गये. इस संदर्भ में नप के इओ आशुतोष कुमार गुप्ता कहते हैं कि शहर की सफाई की जिम्मा उठाने वाली एजेंसी ने उन्हें हटाया है. ये वैसे लोग है जो अपना काम ठीक से नहीं करते हैं. जबकि चार साल से काम कर रहे सफाई पर्यवेक्षक गोपाल ने कहा कि बिना कारण बताए हटा दिया गया. इनका कहना है कि मंगलवार को नप के सफाई निरीक्षक आशुतोष कुमार कार्यालय में बुलाए और काम नहीं करने की बात कहीं. इसके लिए कोई पत्र नहीं दिए. पर्यवेक्षक भोला कुमार ने कहा कि बिना कोई कारण के काम नहीं करने का फरमान जारी कर दिया गया है. यही आरोप धर्मेंद्र कुमार, मोहन तिवारी का भी है. काम नहीं करने को लेकर नाराज सफाई पर्यवेक्षक बुधवार को पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास जुटे थे. सभी काम नहीं करने का कारण जानना चाह रहे थे. मौके पर सफाई का जिम्मा उठाने वाली एजेंसी के इंचार्ज अभिषेक कुमार जब इस संदर्भ में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब नप के इओ देगे. यही बात नप के सफाई निरीक्षक आशुतोष कुमार ने भी दिया. जबकि सफाई निरीक्षक आशुतोष कुमार पर ही ये सभी सफाई पर्यवेक्षक हटाने का आरोप लगा रहे थे. मगर सफाई निरीक्षक आशुतोष कुमार ने कहा कि इस संदर्भ में आप ऑफिस में जाकर पूछिए. इधर काम से हटा दिये गये सफाई पर्यवेक्षक आंदोलन के मूड में है. गौरतलब है कि शहर में पहले से 40 सफाई पर्यवेक्षक काम करते आ रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
