बक्सर इंजीनियरिंग कॉलेज में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, छात्रों को निवेश और साइबर ठगी से बचाव के दिए गए टिप्स

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय बक्सर में छात्रों के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित, निवेश और बचत के गुर सिखाए गए।

Buxar News : बक्सर स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में सोमवार को प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के तत्वावधान में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन, निवेश, बचत और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था. इसमें अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

IIM बोधगया के विशेषज्ञ ने दिए वित्तीय प्रबंधन के गुर

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के डीन एकेडमिक एवं सहप्राध्यापक डॉ. श्यामलाल वर्मा ने मुख्य वक्ता रॉबर्ट मर्चेंट को स्मृति-चिह्न भेंट कर किया. मुख्य वक्ता रॉबर्ट मर्चेंट, जो IIM बोधगया और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के फाइनेंशियल लिटरेसी एंबेसडर हैं, उन्होंने विद्यार्थियों को पर्सनल फाइनेंस, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी मार्केट, सरकारी वित्तीय योजनाओं और पोंजी स्कीम की पहचान व उससे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

बचत, निवेश और वित्तीय अनुशासन पर दिया जोर

मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को नियमित बचत, विवेकपूर्ण निवेश और वित्तीय अनुशासन अपनाने की सलाह दी. साथ ही उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए. कार्यक्रम के दौरान आयोजित इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों की विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया गया.

तकनीकी ज्ञान के साथ वित्तीय समझ भी जरूरी

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. राम नरेश राय ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है. यदि विद्यार्थी अपने करियर की शुरुआत से ही वित्तीय योजना, बचत और निवेश की सही समझ विकसित कर लें तो वे भविष्य में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं.

समग्र विकास में वित्तीय साक्षरता की अहम भूमिका

डीन एकेडमिक डॉ. श्यामलाल वर्मा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ वित्तीय साक्षरता विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है. व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की समझ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेगी. उन्होंने छात्रों से ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की.

प्रतिभागियों को मिला प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए. विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की. कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.


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By Mritunjay singh

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