Buxar news : बक्सर में समाजवादी विचार मंच, बिहार के बैनर तले प्रस्तावित किसानों का धरना-प्रदर्शन प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण आयोजित नहीं हो सका. इसके बाद किसान प्रतिनिधियों ने जिला उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को मांगपत्र सौंपकर अपनी नाराजगी जताई और समस्याओं के समाधान की मांग की.
धरने की अनुमति नहीं मिलने पर जताया विरोध
किसान प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है. उनका कहना था कि बिजली कटौती, खाद की कालाबाजारी और सिंचाई संकट से किसान पहले ही परेशान हैं. यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.
18 घंटे बिजली और ट्रांसफार्मर चालू करने की मांग
मांगपत्र में किसानों ने कृषि कार्य के लिए प्रतिदिन 18 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की. साथ ही रोपनी के दौरान ओवरलोड और लो वोल्टेज की समस्या दूर करने तथा एकरासी-ब्रह्मपुर सब स्टेशन में पिछले एक वर्ष से बंद पड़े 5 एमवीए ट्रांसफार्मर को जल्द चालू कराने की मांग उठाई.
खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग
किसानों ने आरोप लगाया कि ₹266 कीमत वाली यूरिया खुले बाजार में ₹500 तक और ₹1,350 मूल्य वाली डीएपी खाद ₹2,200 तक बेची जा रही है. उन्होंने कहा कि इससे किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है. मांगपत्र में कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने और नहरों में अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की भी मांग की गई.
किसान प्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
शिष्टमंडल में अरुण कुमार ओझा, चंद्रशेखर कुमार, संतोष परमहंस सिंह, शशि राय, महेंद्र सिंह, जयकृष्ण सिंह, दीपक कुमार और अखिलेश सिंह सहित अन्य किसान प्रतिनिधि शामिल रहे. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
