Buxar News: गंगा नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर बढ़ते दबाव को लेकर 9 अगस्त को प्रमुखता से प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. खबर पर संज्ञान लेते हुए बक्सर जिला प्रशासन ने तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है.
जिला प्रशासन के कड़े निर्देश के बाद बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बक्सर के कार्यपालक अभियंता ने संवेदनशील तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की कवायद तेज कर दी है.
संवेदनशील बिंदुओं पर बालू भरे ईसी (EC) बैग का भंडारण शुरू
गंगा के उफान और संभावित कटाव के खतरे से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से अग्रिम तैयारियां की जा रही हैं. तटबंध के विभिन्न किलोमीटर और चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में बालू भरे ईसी (EC) बैग एवं जियो बैग्स का भंडारण शुरू कर दिया गया है. किसी भी अप्रत्याशित कटाव या रिसाव की स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल बाढ़ संघर्षात्मक (फ्लड फाइटिंग) कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए तकनीकी सामग्री मौके पर डंप की जा रही है.
24 घंटे जलस्तर की मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग के आदेश
जिला प्रशासन ने विभागीय अभियंताओं और कर्मियों को तटबंधों की नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी के सख्त निर्देश दिए हैं. नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव और तटबंध की स्थिरता की प्रति घंटे रिपोर्ट तैयार की जा रही है. जलस्तर बढ़ने अथवा पानी का दबाव कम होने के दौरान (घटने के क्रम में होने वाले कटाव) यदि कहीं भी दरार या धंसान की स्थिति दिखे, तो तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराकर बांध को सुरक्षित किया जाएगा.
प्रशासन की अपील: स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि तटबंधों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और पूरी प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट मोड में है. विभाग के तकनीकी दल लगातार फील्ड में तैनात हैं और वर्तमान में सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित व नियंत्रण में हैं.
