डुमरांव. डुमरांव थाने के एक पीटीसी कर्मी पर घूस मांगने का आरोप लगाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में ठठेरी बाजार निवासी चंदन साह पुलिसकर्मी पर घूस मांगने का आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, प्रारंभिक पड़ताल में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा सामने आया है. वहीं, पीटीसी कर्मी ने घूस मांगने के आरोप को निराधार बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही है.
पत्नी और सास के आवेदन के बाद थाना पहुंचे चंदन साह
जानकारी के अनुसार, चंदन साह का अपनी पत्नी जयमाला देवी के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा है. इसी विवाद को लेकर उनकी पत्नी और सास डुमरांव थाना पहुंचीं और चंदन साह के खिलाफ लिखित आवेदन दिया. इसी दौरान चंदन साह भी थाने पहुंच गए. दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद कहासुनी शुरू हो गई, जिससे कुछ देर के लिए थाने का माहौल तनावपूर्ण हो गया.
आवेदन फाड़ने की कोशिश का पुलिसकर्मी ने लगाया आरोप
ड्यूटी पर तैनात पीटीसी कर्मी मनोज प्रसाद के अनुसार, महिला पक्ष की ओर से गंभीर आरोपों से संबंधित आवेदन दिया गया था. इसी दौरान चंदन साह द्वारा आवेदन को फाड़ने की कोशिश की गई. पुलिसकर्मी के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने हस्तक्षेप किया. इसी दौरान चंदन साह ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और पुलिसकर्मी पर घूस मांगने का आरोप लगाया.
पीटीसी कर्मी ने घूस मांगने के आरोप को किया खारिज
पीटीसी कर्मी मनोज प्रसाद ने घूस मांगने के आरोप को पूरी तरह खारिज किया है. उनका कहना है कि मामले में पुलिस की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही थी. उन्होंने किसी तरह की रकम मांगने या घूस लेने की बात से इनकार किया. पुलिसकर्मी के अनुसार, लगाए गए आरोप निराधार हैं.
CCTV फुटेज से स्पष्ट हो सकती है घटना की स्थिति
मनोज प्रसाद ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने के लिए डुमरांव थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा सकती है. उनका कहना है कि CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि थाने में उस समय क्या हुआ था और किस परिस्थिति में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. वायरल वीडियो के कमेंट्स में कुछ लोगों ने पीटीसी कर्मी मनोज प्रसाद के समर्थन में भी प्रतिक्रिया दी है. हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी के पक्ष या विपक्ष में की गई टिप्पणियां अपने आप में आरोप की पुष्टि नहीं करती हैं.
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोप की सच्चाई
फिलहाल, घूस मांगने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पूरे मामले में वायरल वीडियो के साथ-साथ थाने की CCTV फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों की जांच महत्वपूर्ण होगी. प्रशासनिक या पुलिस स्तर पर जांच के बाद ही घूस मांगने के आरोप की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.
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