विष्णुदत्त द्विवेदी की रिपोर्ट :
Buxar News: डुमराव थाना कांड संख्या 148/2026 में अनुमंडल अस्पताल डुमराव के स्वास्थ्य प्रबंधक अफरोज आलम की जमानत याचिका को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार की अदालत ने स्वीकृत कर दिया है. बताते चलें कि विगत दिनों नवजात बच्चे का अस्पताल के दरवाजे पर इलाज कर रहे डॉक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद उक्त एफआईआर दर्ज कराई गई थी.
बिजली संकट के कारण प्रभावित हुई थीं सेवाएं, प्रबंधक पर लापरवाही का था आरोप
इस मामले को लेकर अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक ने पुलिस को लिखित आवेदन दिया था. आवेदन में कहा गया था कि बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण आपातकालीन सेवा, प्रसव सेवा के अलावा अन्य सभी चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं. इस गंभीर स्थिति से अवगत होने के बावजूद भी प्रबंधक ने व्यवस्था सुधारने में कोई रुचि नहीं ली. इसी लापरवाही के कारण 8 जून 2026 को एमएनसीयू में इलाजरत बच्चों का डॉक्टर द्वारा दरवाजे पर ले जाकर इलाज करना पड़ा था, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
स्वास्थ्य प्रबंधक को मिली जमानत
शुक्रवार को आपराधिक मामलों के वरीय अधिवक्ता शिवजी राय ने अदालत में जमानत आवेदन पर बहस की. उन्होंने न्यायालय से निवेदन करते हुए कहा कि सामान्यतः इस तरह की प्राथमिकी देखने को नहीं मिलती है, जहां इलाज कर रहे डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करके बल्कि एक गैर-स्वास्थ्य कर्मी को आरोपी बनाया गया है, जिसका उस पूरे मामले से सीधे तौर पर कोई सरोकार या लेना-देना नहीं है. दोनों पक्षों की दलीलों और वरिष्ठ अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने स्वास्थ्य प्रबंधक के जमानत आवेदन को स्वीकार कर लिया.
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