Buxar News : शहर की जर्जर सड़कों और लगातार हो रही दुर्घटनाओं के खिलाफ सामाजिक संस्था स्वयं शक्ति का आंदोलन मंगलवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया. छह दिनों से जारी आंदोलन और दो दिनों से चल रही भूख हड़ताल के बाद अनुमंडल प्रशासन ने डुमरांव शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने का फैसला लिया है. अनुमंडल दंडाधिकारी राजीव कुमार ने आठ सूत्री आदेश जारी किया है, जो 26 अगस्त 2026 से अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा.
एनएच-120 पर भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक
प्रशासन ने डुमरांव बाजार से पुराने भोजपुर तक एनएच-120 पर बालू-गिट्टी लदे ट्रकों और ट्रेलरों समेत भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. सड़क की जर्जर स्थिति और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं और जाम की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. हाल के निरीक्षण में अधिकारियों को सड़क के गड्ढों में दो ट्रक फंसे मिले थे, जबकि टोटो पलटने की घटना भी सामने आयी थी.
एंबुलेंस और स्कूल बस को मिलेगी छूट
प्रशासन के आदेश के अनुसार एंबुलेंस, स्कूल बस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े छोटे वाहनों को प्रतिबंध से छूट दी गयी है. छह चक्का से अधिक क्षमता वाले अन्य आवश्यक सेवा वाहनों को रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक सीमित अवधि में आवागमन की अनुमति होगी. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी. निगरानी की जिम्मेदारी पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी गयी है.
एक-दो दिनों में फिर निकलेगा एनएच-120 का टेंडर
धरनास्थल पर आंदोलनकारियों से वार्ता के दौरान एसडीएम राजीव कुमार ने बताया कि एनएच-120 के निर्माण के लिए पहले जारी टेंडर को तकनीकी प्रक्रिया में खामी के कारण रद्द कर दिया गया है. अब एक-दो दिनों में नए सिरे से टेंडर जारी किया जायेगा. एसडीएम ने आंदोलनकारियों को री-टेंडरिंग से संबंधित दस्तावेज भी दिखाये और प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया.
सड़क के लिए 18.89 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी
एसडीएम के अनुसार एनएच-120 के सुदृढ़ीकरण के लिए 18.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है. इससे पहले 19.23 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे संशोधित कर स्वीकृति प्रदान की गयी. प्रशासन का लक्ष्य सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराना है.
टेंडर में तकनीकी खामी से रद्द हुई थी प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार 12 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टेंडर मूल्यांकन समिति की बैठक हुई थी. इसमें पाया गया कि एनएच डिवीजन गयाजी की ओर से 20 जुलाई को निविदा आमंत्रित की गयी थी, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पर्याप्त समय दिये बिना एक अगस्त को ही निविदा खोल दी गयी. समिति ने इसे प्रक्रिया संबंधी गंभीर त्रुटि मानते हुए टेंडर रद्द कर दिया और नए सिरे से निविदा जारी करने का निर्देश दिया.
आंदोलनकारियों ने फैसले का किया स्वागत
प्रशासन के फैसले का स्वयं शक्ति संस्था के सदस्यों ने स्वागत किया है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक आंदोलन समाप्त करने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था. शाम तक संस्था के सदस्य प्रशासन के साथ बनी सहमति और आगे की रणनीति पर विचार कर रहे थे. भारी वाहनों पर रोक और सड़क निर्माण के लिए नये टेंडर के आश्वासन से शहरवासियों को भी राहत की उम्मीद जगी है.
सितंबर के अंत तक शुरू होगा सड़क निर्माण
एसडीएम राजीव कुमार ने कहा कि टेंडर की प्रक्रिया बुधवार या गुरुवार तक पूरी करा ली जायेगी. बरसात के मौसम के कारण संवेदक को कार्य शुरू करने में कुछ समय लग सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सितंबर माह के अंत तक एनएच-120 का निर्माण कार्य हर हाल में शुरू करा दिया जायेगा.
