बक्सर DM का प्रयास रंग लाया, 3 साल पुराना भूमि विवाद सुलझा, पीपराढ़ में बनेगा हाईटेक कचरा प्रबंधन केंद्र

डीएम साहिला की पहल से ब्रह्मपुर में कचरा प्रबंधन केंद्र का रास्ता साफ हुआ। पीपराढ़ में बनने वाले इस प्लांट से किसानों को सस्ती जैविक खाद भी मिलेगी।

Brahmpur Waste Management Plant : बक्सर के ब्रह्मपुर नगर पंचायत को गंदगी और अनियोजित कचरा निस्तारण की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है. जिलाधिकारी साहिला के लगातार प्रयासों से तीन वर्षों से लंबित भूमि विवाद सुलझ गया है, जिसके बाद पोखरहां पंचायत के पीपराढ़ गांव में आधुनिक मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और कंपोस्ट प्लांट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है.

डीएम के हस्तक्षेप से सुलझा तीन साल पुराना भूमि विवाद

नगर पंचायत ब्रह्मपुर में वर्षों से कचरा प्रबंधन केंद्र के लिए उपयुक्त जमीन नहीं मिलने के कारण परियोजना अटकी हुई थी. जिलाधिकारी साहिला के विशेष हस्तक्षेप और लगातार प्रयासों के बाद पोखरहां पंचायत के पीपराढ़ गांव में भूमि उपलब्ध करा दी गई. जमीन मिलते ही नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर कार्यपालक पदाधिकारी को तत्काल टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया. अधिकारियों के अनुसार निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

Buxar News : वैज्ञानिक तरीके से होगा कचरे का निस्तारण

पीपराढ़ में बनने वाले आधुनिक कचरा प्रबंधन केंद्र को दो प्रमुख हिस्सों में विकसित किया जाएगा. यहां शहर से एकत्र किए गए सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज, कांच, गत्ता, धातु और कपड़ों की वैज्ञानिक तरीके से छंटाई की जाएगी. उपयोगी सामग्री को रीसाइक्लिंग उद्योगों तक भेजा जाएगा, जबकि गीले कचरे को विशेष कंपोस्ट पिट में डालकर जैविक खाद तैयार की जाएगी.

घर-घर से अलग-अलग लिया जाएगा सूखा और गीला कचरा

नगर पंचायत अब डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगी. प्रत्येक परिवार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके स्वच्छता मित्रों को देना होगा. इसके बाद पूरे कचरे को सीधे पीपराढ़ स्थित प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा.

कचरे से बनेगी जैविक खाद, किसानों को मिलेगा लाभ

प्लांट में तैयार होने वाली उच्च गुणवत्ता की वर्मीकंपोस्ट खाद नगर पंचायत द्वारा किसानों को बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएगी. इससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी, खेती की लागत घटेगी और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा. ब्रह्मपुर, पोखरहां और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना के शुरू होने से खुले में कचरा फेंकने और जलाने जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी. इससे प्रदूषण में कमी आएगी, शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधरेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी. साथ ही 'कचरे से कंचन' की अवधारणा को भी जमीन पर उतारा जा सकेगा.

अधिकारियों ने नगरवासियों से किया सहयोग का आह्वान

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शिव शक्ति कुमार ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य ब्रह्मपुर को स्वच्छ और सुंदर मॉडल टाउन बनाना है. उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी साहिला के तीन वर्षों के लगातार प्रयासों से इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध हो सकी है. विभागीय निर्देशों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा. उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके ही स्वच्छता कर्मियों को दें, ताकि कचरा प्रबंधन प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हो सके.

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Author: Santosh Kant

Published by: Vivek Singh

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