Buxar News : डीएम साहिला ने मंगलवार को सिमरी प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में पदाधिकारियों और कर्मियों की समय पर उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली की जांच करना था. डीएम ने सबसे पहले प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में कार्यरत सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति की जांच की. इसके लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति पंजी और दर्ज डाटा का बारीकी से अवलोकन किया गया.
कई कर्मचारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे कार्यालय
बायोमेट्रिक डाटा की जांच के दौरान कई कर्मी निर्धारित समय के बाद कार्यालय पहुंचे पाए गए. प्रखंड कार्यालय में डाटा इंट्री ऑपरेटर और कार्यपालक सहायक देर से उपस्थित मिले. वहीं, अंचल कार्यालय में लिपिक, अमीन, कार्यपालक सहायक, डाटा इंट्री ऑपरेटर और कार्यालय परिचारी भी निर्धारित समय पर कार्यालय में मौजूद नहीं थे. सभी के देर से कार्यालय पहुंचने की बात सामने आने पर डीएम ने नाराजगी जतायी.
कारण बताओ नोटिस, जवाब तक वेतन स्थगित
कर्मियों की लेटलतीफी पर डीएम साहिला ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने इसे सरकारी कार्यों में लापरवाही और शिथिलता मानते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को संबंधित कर्मियों से कारण पृच्छा करने का निर्देश दिया. डीएम ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित कर्मियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिलता, तब तक अगले आदेश तक उनका वेतन स्थगित रखा जाए.
सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी जरूरी
डीएम ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी अनिवार्य है. पदाधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें और आम लोगों से जुड़े कार्यों का निष्पादन समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में अनुशासनहीनता या कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
औचक निरीक्षण से कर्मियों में मचा हड़कंप
डीएम के अचानक प्रखंड एवं अंचल कार्यालय पहुंचने से अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान उपस्थिति व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालयों में कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए.
आगे भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण
डीएम साहिला ने कहा कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी के लिए आगे भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे. निरीक्षण के दौरान यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय का पालन नहीं करता या अपने दायित्वों में लापरवाही बरतता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. डीएम के इस सख्त रुख से कार्यालयों में समय पर पहुंचने और कार्यों के निष्पादन को लेकर कर्मियों के बीच सतर्कता बढ़ गयी है.
