जिले के किसानों को दिया गया दो दिवसीय मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण

जिले के किसानों को संयुक्त कृषि भवन के सभागार में आत्मा के बैनर तले दो दिवसीय मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण दिया गया.

बक्सर. जिले के किसानों को संयुक्त कृषि भवन के सभागार में आत्मा के बैनर तले दो दिवसीय मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के ट्रेनर के रूप में योगेश कुमार उपस्थित रहे. योगेश कुमार ने किसानों को बताया कि मशरूम उत्पादन कर कम लागत में अधिक आय अर्जित कर सकते हैं. किसान अपनी आर्थिक उन्नति कर सकते हैं. बदलते समय एवं जलवायु में परिवर्तन से अन्य खाद्य पदार्थों में पौष्टिक तत्वों की कमी के बाद मशरूम उत्पाद इन सभी को पूरा करता है. जिस प्रकार से बढ़ती आबादी के कारण खेत के जोत का आकार घट गया है. वैसे में बहुत कम जगह एवं कम लागत में इसका बेहतर उत्पादन किया जा सकता है. इसमें महिला एवं पुरुष किसान बहुत ही आसान तरीके से इसकी खेती के लिए अपने आसपास के जैविक पदार्थ से ही इसकी खेती करेंगे. खेती करने वाले किसान अपने पशुओं के चारा के लिए रखें पुआल की कुटी या गेहूं के भूसे को लगभग 18 से 20 घंटा पानी में भिगोकर इसे गर्म पानी में उबालकर अथवा इसे उपचारित कर इस पर स्पॉन बीज को लगाकर अपने छायादार घरों में रखेंगे. जिसके लिए आगामी नवंबर महीने से प्रतिकूल मौसम बन रहा है. मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, मशरूम का प्रकार, खाने योग्य मशरूम, न खाने योग्य मशरूम, औषधि मशरूम खाने योग औषधि मशरूम, जहरीला मशरूम का पहचान करने के बारे में युवाओं को बताया. वही जो अगले मार्च महीने तक इसके फसल का उत्पादन आसानी से कर सकते हैं. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इन सभी किसानों को 90% के अनुदान पर इन्हें मशरूम किट भी उपलब्ध कराया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMLESH PRASAD

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >