Buxar News : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में 26 से 30 अगस्त तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक, आंधी और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुमान को देखते हुए किसानों को फसलों की विशेष निगरानी करने की सलाह दी गयी है.
दो दिनों में 65-65 एमएम बारिश का अनुमान
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 26 और 27 अगस्त को जिले में करीब 65-65 एमएम बारिश होने की संभावना है. वहीं 28 अगस्त को करीब 12 एमएम तथा 29 और 30 अगस्त को क्रमश: 8 और 12 एमएम बारिश का अनुमान जताया गया है. 26 से 28 अगस्त तक हवा की गति करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है.
धान की फसल में यूरिया डालने की सलाह
कृषि वैज्ञानिक डॉ देवकरण ने किसानों को मौसम के अनुसार फसलों की देखभाल करने की सलाह दी है. उन्होंने बताया कि 40 से 45 दिन की हो चुकी धान की फसल में बेहतर बढ़वार और अधिक कल्ले के लिए 40 से 50 किलोग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से उपरिवेशन करने की सलाह दी गयी है.
मक्का में तना छेदक पर रखें नजर
मक्का की फसल में तना छेदक कीट के प्रकोप की नियमित निगरानी करने को कहा गया है. प्रकोप दिखाई देने पर कार्बोफ्यूरॉन 3जी का 7 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करने की सलाह दी गयी है. वहीं अरहर की फसल में बारिश के कारण जलजमाव से बचाने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने को कहा गया है.
सब्जियों में कीटों की निगरानी जरूरी
कद्दूवर्गीय और फूलगोभी की फसलों में भी किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. इन फसलों में सफेद मक्खी, थ्रिप्स, कटूया और फल छेदक कीटों के प्रकोप की नियमित निगरानी करने को कहा गया है. मौसम में बदलाव के बीच समय पर निगरानी और आवश्यक कृषि उपाय अपनाकर किसान फसलों को नुकसान से बचा सकते हैं.
