उत्तर प्रदेश में खनन विभाग की सघन जांच के कारण बुधवार को बक्सर की सड़कों पर महाजाम की स्थिति बन गयी. बिहार के गोलंबर से दलसागर टोल प्लाजा तक पटना-बक्सर फोरलेन NH-922 की दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. कई जगहों पर तीन-तीन लेन में बालू लदे ट्रक और ट्रेलर घंटों से खड़े हैं. भरौली से दलसागर तक करीब आठ किलोमीटर से अधिक लंबा जाम लगने से आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
यूपी में खनन जांच से बक्सर में फंसे वाहन
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दूसरे राज्यों से आने वाली खनन सामग्री पर टैक्स वसूली को लेकर जांच अभियान चलाया जा रहा है. कागजी कमी वाले कई वाहनों को यूपी में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में ट्रक चालक जांच खत्म होने के इंतजार में बक्सर की सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर रहे हैं. इससे बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
वीर कुंवर सिंह सेतु से दलसागर तक जाम
उत्तर प्रदेश में खनन विभाग की जांच के कारण वीर कुंवर सिंह सेतु से यूपी में प्रवेश करने वाले वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गयी है. कार्रवाई के डर से कई वाहन चालक यूपी की ओर जाने से बच रहे हैं. गोलंबर से बक्सर बाईपास और पटना-बक्सर फोरलेन पर रात से ही आवागमन प्रभावित है. दोपहिया वाहनों से लेकर भारी वाहनों तक को जाम का सामना करना पड़ रहा है.
NH-922 पर तीन लेन में खड़े हैं ट्रक
बक्सर-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग 922 पर गोलंबर से दलसागर तक कई जगहों पर तीन-तीन लेन में ट्रक खड़े हैं. जो वाहन जहां खड़ा है, वह घंटों से वहीं फंसा हुआ है. जाम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की टीम भी तैनात है. पुलिस ने यातायात का दबाव कम करने के लिए कुछ स्थानों पर यू-टर्न के माध्यम से वाहनों को वैकल्पिक दिशा में भेजने का प्रयास किया.
जाम तोड़ने के लिए रॉन्ग साइड से चल रहे वाहन
जाम से बचने के लिए कई वाहन चालक NH-922 पर रॉन्ग साइड से वाहन चलाते नजर आये. इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गयी है. वहीं ई-रिक्शा और ऑटो चालक भी समय बचाने के लिए डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में प्रवेश कर रहे हैं. जाम की मजबूरी में अपनाया जा रहा यह तरीका वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
पुलिस ने बड़े वाहनों पर कसा शिकंजा
जाम से बचने के लिए कुछ बालू लदे बड़े ट्रेलर और ट्रक उल्टी दिशा में दलसागर से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने ऐसे वाहनों को भी रोक दिया. प्रशासन की ओर से यातायात को नियंत्रित करने और जाम की स्थिति को कम करने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यूपी में खनन विभाग की जांच के कारण बक्सर में अचानक वाहनों का दबाव बढ़ा, लेकिन जिला प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था इसे संभालने में पूरी तरह सफल नहीं रही. वीर कुंवर सिंह सेतु यूपी में प्रवेश का प्रमुख मार्ग है और यहां पहले से ही भारी वाहनों का दबाव रहता है. ऐसे में जांच के कारण बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रकों के सड़क पर खड़े हो जाने से स्थिति और गंभीर हो गयी.
अवैध खनन सामग्री की आवाजाही पर भी सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यूपी में खनन सामग्री की जांच और टैक्स वसूली के दौरान कागजी अनियमितताओं वाले वाहनों की संख्या सामने आ रही है. कुछ सूत्रों की ओर से अवैध आवाजाही में स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
