Buxar Teacher Dismissed: बक्सर के डुमरांव में छात्राओं से छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में दोनों शिक्षकों की सरकारी नौकरी चली गई है. जांच में दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए. इसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया. बर्खास्त किए गए शिक्षकों में नथुनी अहिर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं.
2 सितंबर को हुआ था निलंबन
मामला सामने आने के बाद दोनों शिक्षकों पर तुरंत कार्रवाई शुरू की गई थी. 2 सितंबर को दोनों को निलंबित कर दिया गया था. इसके अगले दिन यानी 3 सितंबर को दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए और विभागीय जांच शुरू हुई. जांच में छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने से जुड़े आरोप सही पाए गए.
जांच के बाद गई सरकारी नौकरी
जांच रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा की. इसके बाद दोनों शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला लिया गया. यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (XI) के तहत की गई है. अब दोनों शिक्षक भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए योग्य नहीं होंगे.
शिक्षा मंत्री ने दिए थे सख्त निर्देश
मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर के डीएम और एसपी को दोनों आरोपित शिक्षकों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था. उन्होंने गिरफ्तारी के बाद मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर जल्द सुनवाई कराने की बात भी कही थी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के साथ गलत व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा. जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और ऐसे मामलों में आगे भी नरमी नहीं बरती जाएगी.
इसे भी पढ़ें : Bihar Raod Project: बिहार के इस जिले में बनेगा 12.3 KM का फोरलेन बाईपास, 269 करोड़ होंगे खर्च, टेंडर जारी
