Buxar News : बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड क्षेत्र के सोवा गांव का पश्चिमी इलाका पिछले एक सप्ताह से घोर अंधेरे में डूबा हुआ है. ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण दर्जनों घरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है. विभागीय उदासीनता से नाराज ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक न तो ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराई गई और न ही उसे बदला गया. परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोग उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं.
पेयजल संकट से बढ़ी परेशानी
दिन में तेज धूप और रात में घुटन भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है. बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है. अधिकांश घरों में बिजली से चलने वाले मोटर बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. मोबाइल चार्जिंग से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो गई है. ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने से क्षेत्र के मंदिरों में भी अंधेरा पसरा हुआ है. शाम के समय होने वाली पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं. धार्मिक स्थलों पर बिजली नहीं रहने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है.
सिर्फ आश्वासन दे रहे कर्मी
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है. विभागीय कर्मी शिकायत सुनने के बाद भी सिर्फ आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं. यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो लोगों को इतनी लंबी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. लोगों ने विभागीय अधिकारियों से अविलंब हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके.
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