नीट आंदोलन में गिरफ्तार छात्रों की रिहाई पर बक्सर में ‘संकल्प दिवस’, AISA-आरवाईए ने निकाला मार्च

बक्सर में नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की जीत पर संकल्प दिवस मनाया गया। छात्रों ने शिक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

Buxar News : नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन में गिरफ्तार साथियों की रिहाई को आइसा और आरवाईए ने संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया. इसी जीत के उपलक्ष्य में गुरुवार को पूरे बिहार में ‘संकल्प दिवस’ मनाया गया. बक्सर में भी छात्र-युवाओं ने मार्च निकालकर रिहा हुए साथियों का स्वागत किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया.

शहीद पार्क से अंबेडकर चौक तक निकला मार्च

बक्सर में संकल्प दिवस के अवसर पर शहीद पार्क कवलदह पोखर से अंबेडकर चौक तक मार्च निकाला गया. इसके बाद सभा आयोजित की गई. मार्च में शामिल छात्र-युवाओं ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारे लगाए.

जंतर-मंतर आंदोलन के दबाव के बाद हुई रिहाई का दावा

आयोजकों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहीं आइसा नेत्री नेहा और आरवाईए नेता अजीत कुमार सिंह ने डीजीपी से मुलाकात की थी. इसके बाद मंगलवार और बुधवार को गिरफ्तार छात्र-युवाओं को जेल से रिहा किया गया. रिहाई के बाद बक्सर में आयोजित सभा में आंदोलनकारियों ने इसे संघर्ष की जीत बताया.

शिक्षा और परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज करने का ऐलान

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है. उन्होंने कहा कि जब तक सभी आंदोलनकारी रिहा नहीं हो जाते और मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. वक्ताओं ने इसे आंदोलन की शुरुआत बताते हुए आगे की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया.

आंदोलनकारियों ने रखीं 10 प्रमुख मांगें

सभा के दौरान छात्र संगठनों ने मांगों का चार्टर जारी किया. इसमें पालीगंज विधायक संदीप सौरभ और नगर नौसा के साथियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आंदोलनकारियों की लुकआउट नोटिस और अखबारों में फोटो प्रकाशित करने पर सरकार से माफी मांगने की मांग की गई.

इसके अलावा पुलिस कार्रवाई में घायल लोगों को मुआवजा देने, एके-47 से फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई करने, बिहार के विश्वविद्यालयों में 300 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने, ऑनर्स में 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता खत्म करने और शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने की मांग रखी गई.

बहाली और शिक्षा नीति को लेकर भी उठाई आवाज

प्रदर्शनकारियों ने प्राइवेट विश्वविद्यालय अधिनियम वापस लेने, एंटीए को भंग करने, रिक्त पदों पर बहाली करने और डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले विधेयक को वापस लेने की मांग भी उठाई.

मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-युवा रहे शामिल

कार्यक्रम में बक्सर नगर सचिव ओम जी, डुमरांव सचिव धर्मेंद्र यादव, आरवाईए जिला संयोजक राजदेव सिंह, आइसा जिला सचिव अखिलेश ठाकुर सहित ललन राम, कन्हैया पासवान, अरविंद यादव, रिंकू कुरैशी, महफूज, कुश भगवान, अभय पांडे, पूजा, संध्या, शिवजी राय, ऊषा देवी, शंकर समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashutosh Singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >