Buxar : बक्सर जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. मौसम विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बक्सर के अनुसार 4 और 5 अगस्त को जिले में लगभग 15 से 18 एमएम तक बारिश होने की संभावना है. मानसून की सक्रियता से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे खरीफ फसलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
केवीके वैज्ञानिकों ने जारी किया मौसम पूर्वानुमान
केवीके बक्सर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवकरण ने बताया कि स्थानीय मौसम प्रणाली के प्रभाव से अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. अनुमान है कि 48 घंटे के दौरान जिले में कुल 15 से 18 एमएम वर्षा दर्ज की जाएगी. इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे, जबकि कुछ स्थानों पर तेज हवा और बूंदाबांदी भी हो सकती है.
धान, मक्का और सब्जी की फसलों को मिलेगा फायदा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार संभावित बारिश धान, मक्का, दलहन और सब्जी की फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी. लगातार गर्मी और उमस के कारण खेतों में नमी की कमी हो गई थी, जिससे पौधों की बढ़वार प्रभावित हो रही थी. बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, बीजों का अंकुरण बेहतर होगा, बचे हुए खेतों में रोपनी आसान होगी और यूरिया की उपयोग दक्षता भी बढ़ेगी. साथ ही दलहनी और सब्जी फसलों में फूल एवं फल बनने की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी.
किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में जलजमाव की आशंका है, वहां पहले से जल निकासी की उचित व्यवस्था कर लें. धान की नर्सरी और सब्जी के पौधों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें. बारिश के बाद खरपतवार नियंत्रण और फफूंदनाशक का छिड़काव मौसम साफ होने पर ही करें, ताकि दवा का प्रभाव बना रहे. पशुपालकों को भी पशुओं को खुले में न बांधने और चारे को भीगने से बचाने की सलाह दी गई है.
समय पर बारिश से कृषि कार्यों को मिलेगी रफ्तार
मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान जिले के किसानों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. समय पर होने वाली संभावित बारिश से कृषि कार्यों में तेजी आएगी, सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद भी बढ़ेगी.
