Buxar News: विश्व पर्यावरण दिवस पर ब्रह्मपुर की सभी पंचायतों में लगेगी विशेष ग्राम सभा

Buxar News: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 लागू करने की तैयारी, गांवों को कचरा मुक्त बनाने पर जोर

Buxar News:(संतोष कान्त) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को बक्सर जिले का ब्रह्मपुर प्रखंड ग्रामीण स्वच्छता अभियान के एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है.पंचायत राज विभाग के निर्देश पर प्रखंड की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा.

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026’ को गांव स्तर पर सख्ती से लागू करना और ग्रामीण क्षेत्रों को कचरा मुक्त बनाना है. विभागीय निर्देश के बाद प्रखंड प्रशासन ने इसकी तैयारी तेज कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पंचायतों की बढ़ी जिम्मेदारी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 5 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया था. इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी सीधे ग्राम पंचायतों, मुखिया और वार्ड सदस्यों पर तय कर दी गई है.

इसी को ध्यान में रखते हुए 5 जून को आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को नए नियमों और उनकी जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

अब हर घर में होगा ‘फोर-बकेट सिस्टम’

नए नियमों के तहत अब गांवों में भी शहरों की तरह कचरे का अलग-अलग वर्गीकरण अनिवार्य होगा. प्रत्येक घर को चार श्रेणियों में कचरा अलग रखना होगा—

गीला कचरा

रसोई का बचा भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और जैविक अवशेष.

सूखा कचरा

प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच और धातु सामग्री.

सैनिटरी कचरा

नैपकिन, डायपर और स्वच्छता संबंधी अपशिष्ट.

विशेष/खतरनाक कचरा

एक्सपायर्ड दवाइयां, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक कचरा और जहरीले पदार्थ.

खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर रोक

नए नियमों के तहत गांव की गलियों, नालियों, तालाबों, कुओं और आहर-पाइन में कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

इसके अलावा खुले में कचरा जलाने पर भी रोक लगाई गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है.

अब देना होगा यूजर चार्ज

ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब लोगों से यूजर फीस भी ली जाएगी.

इस राशि का उपयोग सफाई कर्मियों के मानदेय, कचरा वाहन और अन्य संसाधनों के रखरखाव में किया जाएगा.

साथ ही पंचायतों को गांवों में ऑन-साइट कम्पोस्टिंग की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जा सके.

बाजार और बड़े आयोजनों के लिए अलग नियम

नए प्रावधानों के अनुसार बड़े बाजार, मैरिज हॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सामाजिक आयोजनों से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित संचालकों और आयोजकों की होगी.

वे पंचायत की सफाई व्यवस्था पर निर्भर नहीं रह सकेंगे.

मुखिया और वार्ड सदस्य करेंगे निगरानी

प्रखंड प्रशासन ने सभी मुखिया और वार्ड सदस्यों को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया है.

ग्राम सभाओं में पंचायत स्तर पर डस्टबिन, कचरा वाहन और डंपिंग यार्ड जैसी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी.

‘सभासार’ पोर्टल पर अपलोड होगी पूरी रिपोर्ट

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 5 जून को होने वाली सभी ग्राम सभाओं की कार्यवाही और प्रस्तावों को “सभासार” पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा.

प्रखंड प्रशासन ने लोगों से ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सहयोग करने की अपील की है.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक पाण्डेय टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 National News Channel से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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