Buxar News: (मनीष मिश्र) बक्सर जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को बक्सर के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट, सती घाट, गोला घाट और सिद्धनाथ घाट समेत अन्य घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई. अहले सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था, जो दोपहर तक जारी रहा. पूरे घाट क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “गंगा मैया की जय” के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा.
श्रद्धालुओं को गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व बताया गया पंडा
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और गरीब-असहाय लोगों के बीच दान-पुण्य किया. घाटों पर मेले जैसा नजारा देखने को मिला. पंडितों द्वारा श्रद्धालुओं को गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व बताया गया. पंडित जगनारायण पाठक ने बताया कि सनातन परंपरा के अनुसार इसी दिन राजा भगीरथ मां गंगा को धरती पर लेकर आए थे, तभी से गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और पूजा की परंपरा चली आ रही है.
श्रद्धालुओं ने मिट्टी के पात्र में जल भरकर चावल, दाल, , मिष्ठान आदि का दान पुरोहितों को दिया। वहीं रामरेखा घाट के पहुंच पथ पर प्रसाद, श्रृंगार सामग्री, समोसा, चाट और जलेबी की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही। महिला श्रद्धालुओं ने चूड़ी, बिंदी, कंगन, सिंदूर और अन्य श्रृंगार सामग्री की जमकर खरीदारी की.
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैदी दिखी
गंगा दशहरा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा. रामरेखा घाट पर महिला पुलिस बल सहित पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी. किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गोताखोरों की भी तैनाती की गई थी.
प्रशासन की सख्ती और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के कारण शहर में कहीं भी जाम की स्थिति नहीं दिखी. शहर के प्रवेश बिंदुओं पर बड़े वाहनों को रोक दिया गया था, जबकि वीर कुंवर सिंह चौक से रामरेखा घाट की ओर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी.
