स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर, अहिरौली के प्रातः वंदना सत्र में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में अद्भुत और मनोहारी दृश्य देखने को मिला. शिशु वर्ग के नन्हें भैया-बहनों द्वारा राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता सह जन्माष्टमी पूर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग प्रमुख लालबाबू प्रसाद एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया.
नन्हे राधा-कृष्ण की छटा ने मोहा मन
राधा-कृष्ण के रूप में सजे-धजे नन्हें भैया-बहनों की मनमोहक छटा ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया. छोटे-छोटे कृष्ण की बांसुरी और राधा रानी के श्रृंगार ने सभी आचार्यों और भैया-बहनों का मन मोह लिया.
श्रीकृष्ण और राधा रानी के गुण अपनाने की प्रेरणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने कहा कि भैया-बहनों का यह दिव्य स्वरूप केवल बाहरी वेशभूषा ही नहीं, बल्कि उनके अंदर श्रीकृष्ण और राधा रानी के गुणों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है. उन्होंने सभी को भगवान श्रीकृष्ण की सोलह कलाओं और उनके सांसारिक जीवन के आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया.
नन्हें बच्चों में दिखे साक्षात भगवान
वहीं विभाग प्रमुख लालबाबू प्रसाद ने कहा कि इन नन्हें भैया-बहनों के इस स्वरूप में आज साक्षात भगवान के दर्शन हो रहे हैं. यह दृश्य अत्यंत अलौकिक और हृदय को आनंदित करने वाला है.
आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न
कार्यक्रम के अंत में श्री राधा-कृष्ण के स्वरूप की भव्य आरती की गयी और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
कार्यक्रम में आचार्यों और भैया-बहनों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में ईश्वर चंद्र, सत्येंद्र उपाध्याय, अनूप चौबे, विवेक राय, अमित राय, मदन पाण्डेय, अखिलेश राय, दिनेश शर्मा, धीरेन्द्र कुमार सिंह, शेखर झा, ज्योति कुमारी, चाँदनी कुमारी, गुड्डी कुमारी, ज्योति ओझा और रोहिणी प्रिया बिसेन समेत सभी आचार्य, आचार्या एवं विभिन्न वर्गों के भैया-बहनों की उपस्थिति रही.
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