Buxar News : पिछले एक सप्ताह से उफान पर रही गंगा का जलस्तर अब स्थिर होने के बाद धीरे-धीरे घटने लगा है. तीन-चार दिन पहले हर घंटे उतार-चढ़ाव दिखा रही नदी अब एक ही स्तर पर ठहरी हुई है. जलस्तर में कमी आने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद जगी है, हालांकि पानी में ठहराव के कारण फिर से जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है. फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, लेकिन चेतावनी बिंदु से ऊपर है.
सुबह 9 बजे 59.85 मीटर दर्ज हुआ जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार सुबह 9 बजे गंगा का जलस्तर 59.85 मीटर दर्ज किया गया. जल आयोग के अनुसार, इससे पहले नदी का जलस्तर करीब 19 घंटे तक इसी स्तर पर स्थिर रहा. इससे संकेत मिल रहा है कि ऊपरी इलाकों से पानी का दबाव अब कम हुआ है.
दोपहर 2 बजे जलस्तर में एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई और यह 59.84 मीटर पर पहुंच गया. इसके बाद भी करीब चार घंटे तक नदी इसी स्तर पर स्थिर रही. जलस्तर में यह मामूली गिरावट बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत भरी मानी जा रही है.
शाम 6 बजे भी 59.84 मीटर पर टिकी रही गंगा
शाम 6 बजे की रिपोर्ट में भी गंगा का जलस्तर 59.84 मीटर पर ही दर्ज किया गया. इस तरह पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में महज एक सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है. लगातार स्थिरता के बाद अब नदी के घटने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है.
खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर नीचे बह रहा पानी
बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर है. वर्तमान में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर नीचे है. वहीं, गंगा अपने अब तक के उच्चतम स्तर 60.55 मीटर से 71 सेंटीमीटर नीचे और चेतावनी बिंदु से 52 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.
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सिमरी, ब्रह्मपुर और चक्की दियारा के निचले इलाकों में राहत
जलस्तर में कमी आने के साथ सिमरी, ब्रह्मपुर और चक्की दियारा के निचले इलाकों से पानी निकलना शुरू हो गया है. इससे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को कुछ राहत मिली है. हालांकि जलस्तर में ठहराव को देखते हुए प्रशासन अभी भी सतर्क है.
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तटबंधों की निगरानी, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय
जिला प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. इसके बावजूद तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखा गया है. प्रशासन की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां जारी रखने की बात कही गई है.
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