प्रतिनिधि, बक्सर. ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है. मानसून की मेहरबानी से नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है. केंद्रीय जल आयोग की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है. पानी बढ़ने की रफ्तार ने प्रशासन के साथ तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
सुबह 56.62 मीटर था गंगा का जलस्तर
मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 56.62 मीटर दर्ज किया गया. उस समय नदी का पानी पिछले दो घंटे से 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था. सुबह से ही जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज होने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क हो गये.
दोपहर में बढ़ी पानी की रफ्तार
दोपहर 1 बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 56.90 मीटर पहुंच गया. केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पिछले छह घंटे से नदी का पानी करीब 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था. जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
शाम तक 57.18 मीटर पहुंचा जलस्तर
शाम 6 बजे तक गंगा का जलस्तर 57.18 मीटर दर्ज किया गया. इसके बाद भी नदी का पानी करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था. यानी सुबह से शाम तक गंगा के जलस्तर में 56 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी. पानी बढ़ने की यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
खतरे के निशान से अभी 3.14 मीटर नीचे गंगा
बक्सर में गंगा का चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है. मंगलवार शाम गंगा का जलस्तर 57.18 मीटर था, जो खतरे के निशान से 3.14 मीटर नीचे है. हालांकि, नदी में लगातार हो रही तेज वृद्धि को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है.
एक-दो दिनों में बढ़ सकता है बाढ़ का संकट
गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए आने वाले एक-दो दिनों में बाढ़ का संकट गहरा सकता है. यदि पानी बढ़ने की मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो निचले इलाकों में खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
