बक्सर : अर्जुनपुर मोड़ हादसे के बाद बदला ट्रैफिक पैटर्न, फोरलेन पर नहीं दिखी ओवरटेक की होड़, एक लेन में चले ट्रक

Buxar Accident News : बक्सर के अर्जुनपुर मोड़ पर हुई भीषण ट्रक दुर्घटना के बाद फोरलेन पर ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है. प्रशासनिक सख्ती और चालकों के अनुशासन से जाम पर काबू पाया गया है. पहली बार बिना ओवरटेक के सभी भारी वाहन एक लेन में चलते दिखे.

Buxar Accident News : बक्सर के अर्जुनपुर मोड़ के पास बुधवार को हुई भीषण ट्रक दुर्घटना के बाद गुरुवार को पटना-बक्सर फोरलेन के ट्रैफिक पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला. हादसे के बाद पहली बार बक्सर पहुंचने वाले भारी वाहनों में प्रशासनिक निर्देश और चालकों की समझदारी दोनों का असर साफ दिख रहा था. सामान्य दिनों में बक्सर गोलंबर से दलसागर तक जाम आम बात है. ओवरटेक की होड़, विपरीत लेन में घुसना और दलालों की सेटिंग के कारण घंटों तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी. लेकिन गुरुवार को स्थिति अलग थी.

निर्धारित लेन में रेंगते दिखे वाहन

जाम की आशंका बनी रही, लेकिन जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी भारी वाहन केवल एक निर्धारित लेन में 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की सामान्य गति से चलते दिखे. अनुशासन में वाहनों के संचालन के कारण जाम होने के बावजूद लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा. ट्रकों का संचालन भी अनवरत धीमी गति में लगातार जारी रहा.

वाहनों की लंबी लाइन के बावजूद जाम नियंत्रित

दिनभर में एक भी ट्रक विपरीत लेन में नहीं दिखा. न ही किसी चालक ने निर्धारित लेन तोड़कर आगे निकलने की जल्दबाजी की. नतीजा यह हुआ कि भारी वाहनों की लंबी लाइन के बावजूद आवागमन पूरी तरह सुचारू रहा. सभी वाहन रेंगते हुए वीर कुंवर सिंह सेतु होते हुए यूपी की ओर रवाना हुए. स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है. साथ ही, ट्रक चालकों में भी अनुशासन दिखा. गुरुवार को 'आम' और 'खास' ट्रकों का भेद भी मिटा हुआ दिखा. सबसे अहम बदलाव गोलंबर पर दिखा. पहले यहां सक्रिय रहने वाले दलाल और ट्रांसपोर्टर, निजी हित में वाहनों को पहले पास करवाने की सेटिंग करते थे, उनकी सक्रियता पूरी तरह शून्य रही.

वाहनों की गति नियंत्रण से घट सकती है दुर्घटना

दुर्घटना स्थल के पास पुलिस जवानों को काफी मशक्कत नियंत्रण को लेकर करनी पड़ती थी. वहीं, गुरुवार को पुलिस सड़क के किनारे खड़ी होकर निगरानी करती हुई दिखी. किसी ट्रक में न पहले भागने की जल्दी थी और न ही लेन को तोड़कर तेज गति की जरूरत पड़ी. सभी ट्रक संयमित रूप से एक साथ पूरी तरह धीमी गति के साथ चलते हुए दिखे. इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों के साथ ही अन्य लोगों को भी सड़क पार करने में बहुत परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो दलसागर से बक्सर के बीच में दुर्घटना की स्थिति शून्य हो सकती है.

ट्रक चालकों के अनुशासन से दुर्घटना पर लग सकेगा लगाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दलसागर से बक्सर तक ट्रकों की गति और लेन अनुशासन इसी तरह बना रहा, तो इस संवेदनशील इलाके में होने वाली बड़ी सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकती है. बीते कुछ महीनों में इसी जाम और अव्यवस्था के कारण कई गंभीर हादसे हो चुके हैं. गुरुवार का दिन इस मायने में मिसाल बना कि सख्ती और सहयोग से फोरलेन को जाम-मुक्त रखा जा सका. अब देखना होगा कि यह अनुशासन कितने दिन कायम रहता है.

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By Ashutosh singh

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