Buxar Dumraon Heatwave : बक्सर के डुमरांव में चिलचिलाती धूप और उमसभरी गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. शनिवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन उमस के कारण लोगों को 42 डिग्री जैसी तेज गर्मी का एहसास हुआ. सुबह 9 बजे से ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है. ग्राहक नहीं आने से कारोबार भी प्रभावित हो रहा है, वहीं बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय घरों की छतें इतनी गर्म हो जाती हैं कि पंखे से भी गर्म हवा ही निकलती है. कूलर में डाला गया पानी भी कुछ ही देर में गर्म हो जाता है. लोगों को असली राहत रात 12 बजे के बाद ही मिलती है, जब कुछ घंटों के लिए तापमान थोड़ा गिरता है और नींद आ पाती है. सुबह 7 बजे के बाद फिर वही उमस और गर्मी शुरू हो जाती है.
Buxar Weather : बारिश की कमी से किसान चिंतित
गर्मी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है. रोहिणी नक्षत्र बिना बारिश के ही गुजर गया, जबकि 22 जून से शुरू हुए आद्रा नक्षत्र में भी अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई है. किसानों का कहना है कि किसी तरह ट्यूबवेल के सहारे बिचड़ा को बचाया जा रहा है, लेकिन धान रोपनी का समय निकलता जा रहा है. यदि जुलाई में भी बारिश नहीं हुई तो खेती पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.
किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले हल्की बारिश हुई थी, जिससे उम्मीद जगी थी कि मानसून सक्रिय हो गया है. लेकिन अब बादल आते हैं और बिना बरसे ही लौट जाते हैं. मौसम की अनिश्चितता और लगातार बढ़ती उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है.
