Regional Rapid Rail Corridor Buxar : बिहार में प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर में बक्सर जिले को भी शामिल करने की मांग तेज हो गई है. अखिल भारतीय रेलयात्री कल्याण परिषद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेजकर बक्सर को इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जोड़ने का आग्रह किया है. परिषद का कहना है कि इससे प्रतिदिन पटना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
Buxar News : आंकड़ों के आधार पर बक्सर को शामिल करने की मांग
परिषद के अध्यक्ष नागेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत बेगूसराय, जहानाबाद और आरा को पटना से रैपिड रेल सेवा के जरिए जोड़ने का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि पटना आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या के मामले में आरा के बाद बक्सर का स्थान है, जबकि बक्सर से पटना की दूरी लगभग 118 किलोमीटर है, जो बेगूसराय (121 किलोमीटर) से भी कम है. ऐसे में बक्सर को परियोजना से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है.
लोकल ट्रेनों की लेटलतीफी से बढ़ रही परेशानी
परिषद ने अपने पत्र में कहा है कि बक्सर से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा और इलाज के लिए पटना जाते हैं. लोकल ट्रेनों की देरी और धीमी रफ्तार के कारण दैनिक यात्रियों को मजबूरन सुपरफास्ट ट्रेनों के आरक्षित स्लीपर और एसी कोचों में सफर करना पड़ता है. इससे आरक्षित टिकट वाले यात्रियों और दैनिक यात्रियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है. रैपिड रेल सेवा शुरू होने से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा.
बेहतर कनेक्टिविटी के बावजूद उपेक्षा पर सवाल
रेलयात्री कल्याण परिषद ने कहा कि बक्सर पहले से ही दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग, प्रयागराज-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण परिवहन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. इसके बावजूद जिले को रैपिड रेल परियोजना में शामिल नहीं करना क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय होगा.
जनहित में जल्द निर्णय की मांग
परिषद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर में बक्सर को अविलंब शामिल किया जाए, ताकि बक्सर ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े हजारों यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सके.
