बक्सर सेंट्रल जेल की 80 एकड़ जमीन में खुलेगा पेट्रोल पंप, खाली हिस्सा बनेगा कमाई का जरिया. कैदियों को मिलेगा नियमित रोजगार

बिहार सरकार ने जेलों की खाली ज़मीन के व्यावसायिक उपयोग का बड़ा फैसला लिया है. बक्सर केंद्रीय कारा की खाली पड़ी ज़मीन पर जल्द ही पेट्रोल पंप स्थापित किया जाएगा, जिससे कैदियों को रोज़गार मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बनेंगे.

प्रतिनिधि, बक्सर. बिहार सरकार ने राज्य की काराओं में खाली पड़ी जमीन के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. कारा एवं सुधार विभाग के प्रस्ताव पर कारा पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) परिचालन नियमावली-2026 के गठन को मंजूरी दी गई है. इसके तहत नामांकन के आधार पर पेट्रोलियम कंपनियों का चयन कर जेल परिसरों में पेट्रोल पंप स्थापित किए जाएंगे.

बक्सर केंद्रीय कारा को मिली विशेष प्राथमिकता

इस योजना में बक्सर केंद्रीय कारा को विशेष प्राथमिकता दी गई है. सरकार ने केंद्रीय कारा, बक्सर और शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर की खाली जमीन पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा पेट्रोल पंप स्थापित और संचालित करने की स्वीकृति दी है. वहीं केंद्रीय कारा, पूर्णिया और शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के पेट्रोल पंप की मंजूरी दी गई है.

80 एकड़ में फैला है बक्सर केंद्रीय कारा

बक्सर केंद्रीय कारा करीब 80 एकड़ में फैला हुआ है. इसमें मुक्त कारागार का परिसर भी शामिल है. कारा के दक्षिणी हिस्से में मुख्य सड़क से सटी काफी जमीन खाली पड़ी है. इसी जमीन को पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए उपयुक्त माना गया है.

HPCL अधिकारियों ने किया स्थल का निरीक्षण

पेट्रोल पंप स्थापना की प्रक्रिया को लेकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने हाल ही में बक्सर केंद्रीय कारा परिसर का निरीक्षण किया था. स्थल निरीक्षण के बाद चयन की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है. कारा एवं सुधार विभाग की ओर से अब आगे की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जल्द ही बाहरी परिसर में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है.

मुक्त कारागार के बंदियों को मिलेगा रोजगार

इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू बंदियों का पुनर्वास और रोजगार से जोड़ना है. योजना के अनुसार पेट्रोल पंप का संचालन मुक्त कारागार के बंदियों द्वारा किया जाएगा. फिलहाल कई बंदी काम की तलाश में शहर जाते हैं और रोजगार नहीं मिलने पर वापस लौट आते हैं. पेट्रोल पंप शुरू होने के बाद उन्हें नियमित काम और तय मजदूरी मिलने का रास्ता खुलेगा.

आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल

बक्सर केंद्रीय कारा की अधीक्षक अनीता गौरव ने इस संबंध में अपडेट जारी कर जानकारी दी है. कारा विभाग का मानना है कि रोजगार मिलने से बंदी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे. साथ ही सजा पूरी करने के बाद उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में भी मदद मिल सकती है.

बक्सर जेल का इतिहास भी रहा है खास

बक्सर केंद्रीय कारा का इतिहास भी काफी पुराना और महत्वपूर्ण रहा है. यहां स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर जेपी आंदोलन से जुड़े लोगों के बंद रहने का उल्लेख मिलता है. जेल में पारंपरिक रूप से फांसी की रस्सी बनाए जाने की वजह से भी बक्सर केंद्रीय कारा की अलग पहचान रही है.

बिहार में मॉडल बन सकता है बक्सर का पेट्रोल पंप

नई नियमावली-2026 लागू होने के बाद बक्सर केंद्रीय कारा में पेट्रोल पंप की स्थापना को एक अलग पहल के रूप में देखा जा रहा है. इससे जेल की खाली जमीन का व्यावसायिक उपयोग होने के साथ राजस्व प्राप्ति की संभावना बनेगी. वहीं बंदियों को रोजगार से जोड़कर पुनर्वास की दिशा में भी काम किया जा सकेगा. आने वाले समय में बक्सर का यह मॉडल बिहार की अन्य काराओं के लिए भी उदाहरण बन सकता है.

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By आशुतोष सिंह

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