Buxar Ballia Rail Link: बक्सर अपनी लोकेशन की वजह से पहले से ही एक इम्पोर्टेन्ट ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है. बिहार के शाहाबाद इलाके और यूपी के पूर्वांचल को जोड़ने का सबसे आसान रास्ता बक्सर से होकर गुजरता है. सड़क और वाटर रूट के मामले में तो यहां काफी विकास हुआ है, लेकिन रेलवे कनेक्टिविटी अभी भी अधूरी मानी जाती है. सबसे बड़ी मांग बक्सर से बलिया के बीच रेल लाइन बनाने की है. अगर यह लाइन बनती है, तो कम से कम छह जिलों बलिया, मऊ, गाजीपुर, भोजपुर, रोहतास और कैमूर के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. अभी इन इलाकों के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए बक्सर पर ही निर्भर रहते हैं.
बक्सर रेलवे स्टेशन के बारे में जानिये
इतिहास की बात करें तो बक्सर रेलवे स्टेशन 1862 में बना था और यह हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल रूट पर स्थित है. इसी वजह से यह स्टेशन लंबे समय से यात्रियों के लिए अहम रहा है. पूर्व सांसद लालमुनि चौबे ने भी बक्सर को एक बड़े रेल हब के रूप में विकसित करने की मांग की थी.
इस रेल लाइन के बनने से कई अन्य रेल परियोजनाओं का फायदा भी बढ़ जाएगा, जैसे बिहटा-दनियावां और आरा-बक्सर बाईपास. इससे पूरे इलाके की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा आसान हो जाएगी.
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यात्रियों को होगा फायदा
इस मुद्दे को कई नेताओं ने उठाया है. पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, सांसद नीरज शेखर और अन्य नेताओं ने संसद में कई बार बक्सर-बलिया रेल लाइन की मांग रखी है. अब एक नया सुझाव भी सामने आया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बलिया-आरा रेल लाइन का रूट थोड़ा बदलकर रघुनाथपुर की ओर कर दिया जाए, तो कम खर्च में बक्सर और बलिया के बीच रेल कनेक्शन बनाया जा सकता है. इससे कई छोटे-छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा.
रघुनाथपुर को जंक्शन बनाने की मांग इसलिए भी हो रही है क्योंकि वहां पहले से चार प्लेटफॉर्म और पर्याप्त जमीन मौजूद है. साथ ही पास में उद्योग और पावर प्लांट भी हैं, जिससे यह इलाका और महत्वपूर्ण हो जाता है. बक्सर-बलिया रेल लाइन सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, जिसका फायदा लाखों लोगों को मिल सकता है.
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