बक्सर में एक BEO के भरोसे दो प्रखंड, बच्चों की पढ़ाई भी खतरे में; शिक्षक परेशान, स्कूलों की मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

बिहार के चक्की और ब्रह्मपुर में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। बीआरसी कार्यालयों में ताले लटके हैं और अधिकारी प्रभार के फेर में अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।

Buxar News : बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारने और सरकारी स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग के सरकारी दावों के बीच बक्सर जिले के ब्रह्मपुर और चक्की प्रखंड की जमीनी तस्वीर अलग कहानी बयां कर रही है. यहां प्रभार की ऐसी व्यवस्था है कि एक ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दो प्रखंडों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है. नतीजा यह है कि शिक्षकों को अपने काम के लिए बीआरसी का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जबकि स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग भी सवालों के घेरे में है.

एक अधिकारी के जिम्मे दो प्रखंड, दूरी ने बढ़ाई परेशानी

मामले के केंद्र में चक्की के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जीतेंद्र कुमार हैं. उन्हें ब्रह्मपुर का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. बताया जाता है कि उनका आवास डुमरांव में है, जो चक्की से करीब 20 किलोमीटर दूर है. वहीं, ब्रह्मपुर भी चक्की से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है. ऐसे में एक अधिकारी के जिम्मे दो प्रखंड होने से दोनों जगह नियमित समय देना चुनौतीपूर्ण हो गया है.

11 बजे तक BRC में लटका मिला ताला

सोमवार को ब्रह्मपुर बीआरसी में करीब 11 बजे तक ताला बंद मिला. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब कार्यालय में ही समय पर अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध नहीं होंगे तो दूर-दराज से आने वाले शिक्षक अपनी समस्याएं किसके सामने रखेंगे. शिक्षकों को वेतन, सेवा पुस्तिका और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बीआरसी का चक्कर लगाना पड़ता है.

कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रतिनियुक्त शिक्षक के भरोसे कार्यालय

स्थानीय लोगों के अनुसार, ब्रह्मपुर बीआरसी फिलहाल एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक प्रतिनियुक्त शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है. शिक्षकों का आरोप है कि छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी उन्हें कई बार कार्यालय आना पड़ता है. इससे उनका बहुमूल्य समय प्रभावित होता है.

स्कूलों की मॉनिटरिंग पर भी उठ रहे सवाल

बीईओ के पास दो प्रखंडों का प्रभार होने का असर सरकारी विद्यालयों की मॉनिटरिंग पर भी पड़ने की बात कही जा रही है. शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की नियमित निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी के क्षेत्र में नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

शिक्षकों और अभिभावकों में नाराजगी

इस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है. लोगों का सवाल है कि जब शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की जरूरत है, तो एक ही अधिकारी को दो प्रखंडों की जिम्मेदारी देकर व्यवस्था को बोझिल क्यों बनाया गया है. लोगों ने जिला शिक्षा प्रशासन से ब्रह्मपुर और चक्की में अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती की मांग की है.

क्या कहते हैं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

ब्रह्मपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जीतेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को कार्यालय में एक ही कर्मचारी था. वह कार्यालय बंद कर बीडीओ के पास किसी काम से गया था. उन्होंने कहा कि इसी वजह से कार्यालय बंद था.

बीआरसी के मुख्य गेट पर बंद ताला | Prabhat Khabar Network


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By संतोष कांत

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