Buxar News : नगर के चौसा गोला हनुमान मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक अतुल कृष्ण जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.
गर्भ में ही सुना था नारायण मंत्र
कथावाचक अतुल कृष्ण जी महाराज ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारद जी से नारायण मंत्र सुना था. इसके प्रभाव से उनके जीवन के अनेक कष्ट दूर हुए. उन्होंने कहा कि भक्ति में ऐसी शक्ति है, जो असंभव को भी संभव बना देती है.
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का किया वर्णन
कथा के दौरान महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओं का सजीव वर्णन किया. उन्होंने कहा कि बचपन में दिया गया धर्म और आध्यात्म का ज्ञान जीवनभर साथ रहता है. इसलिए माता-पिता को बच्चों को प्रारंभ से ही धर्म और संस्कारों से जोड़ना चाहिए.
माता-पिता की सेवा को बताया धर्म का मूल
कथावाचक ने धर्म का मूल माता-पिता की सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को बताया. उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक संस्कारों से बच्चों के व्यक्तित्व का विकास होता है और वे जीवन में सही मार्ग पर आगे बढ़ते हैं.
Also Read : सासाराम में पटेल सेवा संघ की स्मारिका के प्रकाशन की तैयारी, कोर कमिटी की बैठक में बनी रूपरेखा
ध्रुव के उदाहरण से संस्कारों का महत्व समझाया
महाराज जी ने ध्रुव जी का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव को पांच वर्ष की आयु में भगवान के दर्शन हुए और 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ. उन्होंने श्रद्धालुओं से बच्चों को अच्छे संस्कार देने और उन्हें धर्म के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया.
Also Read : सासाराम में कार्यपालक सहायकों ने संगठन मजबूती और समस्याओं के समाधान पर किया मंथन
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. भक्त प्रह्लाद और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे.
Also Read : किसानों के सामने एमएसपी, मनरेगा और कॉरपोरेटीकरण बड़ी चुनौती: एआईकेएमएस
