बक्सर: राजपुर CHC में 15 में सिर्फ 2 डॉक्टरों के भरोसे इलाज, करोड़ों की इमारत, लेकिन डॉक्टर नदारद

राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की भारी कमी से मरीज परेशान हैं। आयुष डॉक्टरों के भरोसे चल रहा अस्पताल, आधुनिक बनाने का सपना अभी अधूरा है।

Buxar News : बक्सर जिले के राजपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक भवन और सुविधाएं तो विकसित की गई हैं, लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं. 15 स्वीकृत चिकित्सकों के पद के मुकाबले केवल दो नियमित चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है.

15 पद स्वीकृत, सिर्फ दो डॉक्टरों के भरोसे अस्पताल

राजपुर सीएचसी में विभागवार इलाज के लिए 15 चिकित्सकों के पद सृजित हैं, लेकिन फिलहाल चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक कुमार और डॉ. अंकित कुमार (साथ ही आयुष चिकित्सक की सेवाएं) के भरोसे ओपीडी संचालित हो रही है. चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक कुमार की सप्ताह में एक दिन सदर अस्पताल बक्सर में ड्यूटी रहने के कारण कई बार मरीजों की जांच आयुष चिकित्सक के जिम्मे रहती है.

19 पंचायतों के मरीजों को हो रही परेशानी

इस स्वास्थ्य केंद्र पर 19 पंचायतों के लगभग 245 गांवों के लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं. विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कई गंभीर मरीजों को बक्सर सदर अस्पताल या निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों को अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है.

महिला डॉक्टर नहीं होने से बढ़ी मुश्किल

कुछ दिन पहले महिला चिकित्सक और सर्जन की तैनाती की गई थी, लेकिन बाद में उन्हें वापस सदर अस्पताल भेज दिया गया. इसके बाद से महिला रोगियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रसव सेवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन महिला रोगों के विशेषज्ञ उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है.

14 तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध

अस्पताल में आधुनिक सीबीसी मशीन लगाई गई है, जिसके माध्यम से मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, टीबी, हीमोग्लोबिन (एचबी), डब्ल्यूबीसी सहित 14 प्रकार की जांच की जाती है. प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 155 मरीजों की जांच होती है. अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता और तीन एंबुलेंस की सुविधा भी मौजूद है.

विभाग को भेजी गई है चिकित्सकों की मांग

चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए विभागवार चिकित्सकों की मांग स्वास्थ्य विभाग से की गई है. विभाग को लिखित रूप से अवगत करा दिया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति होने पर सभी विभागों में नियमित जांच और इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kamal pankaj

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >