राजपुर. प्रखंड के विभिन्न गांव में चार दिवसीय छठ पूजा मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही संपन्न हो गया. देवढि़यां ऐतिहासिक सूर्य मंदिर पर सोमवार की शाम से छठ व्रतियों का मेला लगा हुआ था. यहां दूर-दूर से पहुंचे छठ व्रतियों ने अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए छठ कर रहे हैं. इस बार भी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड एवं निकट के रोहतास, कैमूर के सीमावर्ती इलाकों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ दिया. मंदिर की भी भव्य सजावट की गयी है. युवा, वृद्ध एवं महिलाओ में काफी उत्साह रहा.इस दौरान भास्कर पूजा समिति देवढ़िया के अध्यक्ष प्रमोद चौबे, सदस्य शिक्षक राकेश तिवारी, सरपंच प्रतिनिधि शंभुनाथ मिश्र, छोटन सिंह, रामजी सिंह, नथुनी सिंह, अरविंद तिवारी, बिंदेश्वरी सिंह के अलावा भास्कर पूजा समिति के सदस्यों ने आये हुए छठव्रतियों का स्वागत किया. मंगराव नहर पर अध्यक्ष संतोष साह, उपाध्यक्ष अभिषेक राय, सचिव रामप्रवेश राजभर कोषाध्यक्ष महेंद्र यादव, मंटू वर्मा, सुनील गुप्ता, अभिषेक मौर्य, रविशंकर सिंह, लालू कुमार, अलीहसन अंसारी के अलावा अन्य सदस्यों के सहयोग से भगवान भास्कर की प्रतिमा रखी गयी थी, जहां सभी ने श्रद्धा भाव से पूजा की. इसके अलावा क्षेत्र के बारूपुर पोखरा, राजपुर पोखरा, संगरांव नहर, खरगपुरा पोखरा, मंगरांव नहर पुल, कजरिया, नागपुर धर्मावती नदी, ईंटवा नहर, खीरी धर्मावती नदी, मनोहरपुर डाकबंगला, उतमपुर पोखरा, रसेन प्राचीन शिव मंदिर पर भव्य सजावट की गयी थी. पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट शांतिपूर्वक छठ पूजा संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट रहा. क्षेत्र के कुल 15 घाटों को खतरनाक बनाया गया था. जिन घाटों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बलों को तैनात किया गया था. साथ ही स्थानीय गोताखोरों को भी लगाया गया था. इस दौरान थाना अध्यक्ष निवास कुमार,अपर थानाध्यक्ष शिव कुमार मंडल पुलिस बल के जवानों के साथ विभिन्न छठ घाटों पर भ्रमण करते रहे. खीरी नदी रहा आकर्षण का केंद्र प्रखंड के कैमूर एवं बक्सर जिला को जोड़ने वाली खीरी धर्मावती नदी आकर्षण का केंद्र रहा. यह एक ऐसा घाट है. जिस नदी के एक छोर पर कैमूर जिला के मुखराव सहित आसपास के गांव से पहुंचे हजारों श्रद्धालु एवं बक्सर जिला के खीरी सहित अन्य गांव से पहुंचे हजारों श्रद्धालु श्रद्धालु दोनों एक ही साथ इस धर्मावती नदी में स्नान कर भगवान भास्कर को अर्घ देते हैं. जो काफी आकर्षण का केंद्र रहा. यहां दोनों जिला से पहुंचे लोग इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर रहे थे. यह लोगों के लिए काफी चर्चा का विषय रहा. यहां के स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह नदी भले ही दो जिलों का बंटवारा करती हो. लेकिन आस्था के संगम पर सबको एक साथ लाकर एक नयी सीख देने का काम करती है. पानी की अविरल धारा में सभी पापों को भुला देने वाली यह नदी भगवान भास्कर के समक्ष सबको एक कर आपस में मिलकर रहने की प्रेरणा देती है.
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