बक्सर : योगिया दोहरे हत्याकांड के एक अभियुक्त को भोजपुर पुलिस ने शनिवार की रात को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य दो साथियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार अभियुक्त भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव का रहने वाला सरोज त्रिपाठी बताया जाता है.
योगिया हत्याकांड : बेलौटी गांव में छापेमारी, एक अपराधी गिरफ्तार
बक्सर : योगिया दोहरे हत्याकांड के एक अभियुक्त को भोजपुर पुलिस ने शनिवार की रात को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य दो साथियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार अभियुक्त भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव का रहने वाला सरोज त्रिपाठी बताया जाता है. […]

भोजपुर एसपी सुशील कुमार ने बताया कि सरोज त्रिपाठी को योगिया हत्याकांड में दस साल की सजा मिली थी. वह हत्याकांड से ही फरार चल रहा था. उसके संपत्ति भी जब्त कर ली गयी थी. इसी बीच शनिवार की रात सूचना मिली कि कुबेर मिश्रा और सरोज त्रिपाठी बेलौटी गांव में छिपा हुआ है.
सूचना मिलते ही पुलिस ने रात में ही बेलौटी गांव में छापेमारी की, जहां पुलिस ने सरोज त्रिपाठी को गिरफ्तार किया, लेकिन वहां पर कुबेर मिश्रा नहीं मिला. उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही सरोज त्रिपाठी फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी को लेकर कई जिलों में छापेमारी भी की गयी थी, लेकिन वह भागने में सफल रहता था. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है. उसके निशानदेही पर कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.
बता दें कि पिछले 16 अक्टूबर 2014 की शाम सौराई पूजा के दौरान कुबेर मिश्रा और प्रदीप यादव व नीरज यादव के बीच विवाद हुआ था. विवाद से खार खाये कुबेर ने प्रदीप व नीरज पर गोली चलायी थी. दोनों युवक गोशाला में जा छिपे थे, लेकिन अभियुक्त कुबेर मिश्रा ने ताबड़तोड़ फायरिंग जारी रखी थी. जिसमें उक्त दोनों युवक और एक गाय की मौके पर ही मौत हो गयी थी.
पांच हजार रुपये का इनामी था सरोज
योगिया दोहरे हत्याकांड में शामिल सरोज त्रिपाठी पर बक्सर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम रखा था. जब वह गिरफ्तार नहीं हुआ तो पुलिस ने उसकी संपत्ति जब्त कर लिया था. उसके बाद भी वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा.
तब बक्सर पुलिस ने विभाग को पत्र लिखकर पांच हजार रुपये का इनाम रखा था. इनाम की राशि भोजपुर पुलिस को दी जायेगी. एसपी सुशील कुमार ने बताया कि सरोज त्रिपाठी पर पांच हजार का इनाम था. वह कई वर्षों से फरार चल रहा था.
विवेक मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा
योगिया हत्याकांड मामले में विवेक मिश्रा समेत 18 लोगों को सजा सुनायी गयी थी, जिसमें विवेक मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा और बाकी सभी को दस-दस साल की सजा सुनायी गयी थी, जिसमें सरोज त्रिपाठी को भी दस साल की सजा मिली थी.
एक अभियुक्त कुबेर मिश्रा अभी भी है फरार
एक अभियुक्त कुबेर मिश्रा फरार है, जिनका नाम अलग कर बाकी लोगों के खिलाफ सुनवाई की गयी. फरार अभियुक्तों की तलाश पुलिस द्वारा अब भी की जा रही है. वहीं साक्ष्य के अभाव में एक अभियुक्त रूपेश मिश्रा को न्यायालय ने बरी कर दिया था.
22 पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी दो लोग अब भी फरार
घटना को लेकर उसी गांव के रहने वाले कुल 22 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, जिसमें रवींद्र मिश्रा, विवेक मिश्रा, संतोष मिश्रा, पंकज मिश्रा, राकेश मिश्रा, चंदन मिश्रा, सूर्यवंशी यादव, अशोक मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, नितेश मिश्रा, शशिशंकर मिश्रा, रामाधार मिश्रा, दीपक मिश्रा, रूपेश मिश्रा, मुकेश मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, मुकेश चौधरी, ऋषि मिश्रा, त्रिपुरारी मिश्रा, ओंकारनाथ मिश्रा, सरोज तिवारी, पप्पू मिश्रा एवं राहुल मिश्रा के नाम शामिल हैं.
अस्पताल में इलाज के दौरान भागा था मुख्य अभियुक्त
योगिया हत्याकांड को मुख्य अभियुक्त रवींद्र कुमार उर्फ कुबेर मिश्रा 14 अगस्त की रात पटना के आइजीआइएमएस अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. इसके बाद तत्कालीन एसपी उपेंद्रनाथ शर्मा ने अभियुक्त की सुरक्षा में तैनात चार जवान अवधेश राम, खुर्शीद आलम, सुधीर कुमार और सुरेंद्र राम को सस्पेंड कर दिया था. उसके बाद से आज तक वह पुलिस की गिरफ्तार में नहीं आया. पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है.