ठोरा नदी में बाढ़ आने से धान की फसल डूबी

इटाढ़ी : स्थानीय प्रखंड अंतर्गत आने वाली ठोरा नदी का जलस्तर एक सप्ताह से लगातार बढ़ने से जहां सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है. वहीं दर्जन भर गांव का आवागमन बाधित हो गया है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है. स्कूली बच्चों का पठन-पाठन चालू रखने […]

इटाढ़ी : स्थानीय प्रखंड अंतर्गत आने वाली ठोरा नदी का जलस्तर एक सप्ताह से लगातार बढ़ने से जहां सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है. वहीं दर्जन भर गांव का आवागमन बाधित हो गया है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है.

स्कूली बच्चों का पठन-पाठन चालू रखने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से अस्थायी नाव की व्यवस्था करायी गयी है, जिस पर स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल आने को विवश हैं. हालांकि सड़क मार्ग से जाने का रास्ता है, लेकिन दो किलोमीटर की जगह दस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. ठोरा नदी में बाढ़ आने से गरीब किसान जो कर्ज लेकर खेती किये थे. उन किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न होने लगी है.
इन सब के बीच गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी ऋतुरंजन कुमार ने बाढ़ क्षेत्रों का दौरा कर नाविकों को भार क्षमता के अनुसार लोगों को सवार करने, घाटों पर चकुदार की प्रतिनियुक्ति करने सहित कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. हालांकि निर्देश के बावजूद नाव पर भार क्षमता से अधिक सवार करने से खतरा होने का डर बना हुआ है. ठोरा नदी का जलस्तर बढ़ने से अतरौना, सिकटौना,शाहिपुर,खतिबा सहित दर्जनों गांव का आवागमन बाधित हो गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >