चौसा : भटगामा के एक युवक की अपहरण मामले में बरी खुलासा सामने आयी है. पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने चौसा थाने में मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि भटगामा के कुमोद यादव की अपहरण कांड में मोबाइल सीडीआर लोकेसन के आधार पर पता चलता है कि कुमोद की अपहरण भूमि विवाद का षड्यंत्र है.
अपहृत पिता द्वारा बनाये गये तीन नामजद एक सुचना पर सुबह से ही थाने में बैठे रहे एसपी ने कहा कि जिस समय का अपरहण कांड बतलाया जाता है कि उनके टावर लोकेशन के आधार पर जब अनुसंधान की जाती है तो पता चलता है कि 17 जून को सुबह 9 बजे वे चौसा व पुरैनी नहीं गये हैं.
इसका मतलब 7 बजकर 34 मिनट वे भागलपुर जिले के मीराचक गंगापुर में थे. तो घटना यह कैसे हो जाता है. यह एक साजिश है. रात्रि12 बजकर 37 मिनट में टावर लोकेशन कुमोद का भटगामा फिर दिख रहा है. एसपी ने कहा कि कुमोद मोबाइल पर अपने साले चौसा पूर्वी पंचायत के बशेठा निवासी सुरज कुमार से बातचीत करते हैं.
वे पुरैनी से घोषई पार कर रहे हैं. जबकि उनका टावर लोकेशन भागलपुर के मिराचक का लोकेशन दिखा है. फिर उनके चचेरे भाई सबलू कुमार से रात में कुमोद से बातचीत होता है तो कुमोद का लोकेशन भटगामा आ रहा है. इतना ही नहीं फिर कुमोद फोन करता है कि उसका गांव के नामजद लोग अपरहण कर किया है. लेकिन उस समय भी कुमोद का लोकेशन भटगामा बताया गया है. इस तरह अपरहण कांड एक सोची समझी साजिश दिख रही है.
