बक्सर : रोटा वायरस वैक्सीन को जिले में सुचारु रूप से संचालित करने को लेकर डीपीएम भवन के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ उषा किरण द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम में ट्रेनरों द्वारा रोटा वायरस वैक्सीन के बारे में जानकारी दी गयी.
रोटा वायरस से बचाव का दिया गया प्रशिक्षण
बक्सर : रोटा वायरस वैक्सीन को जिले में सुचारु रूप से संचालित करने को लेकर डीपीएम भवन के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ उषा किरण द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम में ट्रेनरों द्वारा रोटा वायरस वैक्सीन के बारे में जानकारी दी गयी. रोटा वायरस से बचाव […]

रोटा वायरस से बचाव को लेकर सरकार द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है. इसको लेकर जिले के स्वास्थ्य कर्मियों एवं पीएचसी प्रभारियों को जानकारी दी गयी. रोटा वायरस के बारे में ट्रेनरों द्वारा जानकारी दी गयी. इसके साथ ही रोटा वायरस से जनित बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी गयी.
रोटा वायरस वैक्सीन की तीन खुराक दी जायेगी. जिनमें पहला खुराक छह सप्ताह के आयु में, दूसरी खुराक दस सप्ताह की आयु में एवं तीसरी खुराक चौदह सप्ताह की आयु में दी जानी है. बच्चों को हर खुराक में पांच बूंदें पिलाने की बात कही गयी. इस कार्यक्रम को नियमित टीकाकरण के तहत शामिल किया जायेगा. कार्यक्रम को डीए शशिकांत शर्मा, डीआइओ डॉ आरके सिंह, डब्लूएचओ से डॉ रंजीतेश, मनीष कुमार सिन्हा, प्रिंस कुमार सिंह, यूनिसेफ से सगुफ्ता जमील समेत अन्य लोगों ने रोटावायरस वैक्सीन की विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी.
क्या है रोटावायरस
रोटा वायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है. जो बच्चों में दस्त का सबसे बड़ा कारण है.रोटा वायरस संक्रामण के कारण बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है अथवा उसकी मौत भी हो सकती है. इसकी शुरुआत हल्के दस्त से होती है जो आगे चलकर गंभीर रूप से लेता है. पर्याप्त इलाज नहीं होने, शरीर में पानी और नमक की कमी होने से बच्चों में समस्या गंभीर हो जाती है.