बक्सर/चौसा : रमजान माह का पहला जुमा शुक्रवार को होगा.रमजान के पहले जुमे के अवसर पर मस्जिदों में रोजेदारों का हुजूम उमड़ेगा. इसके मद्देनजर मस्जिदों की साफ-सफाई पूरी कर ली गयी है. मुल्क के लिए अमन चैन की दुआ मांगी जायेगी. मस्जिदों में नमाज का विशेष प्रवचन होगा. वहीं दूसरी ओर चौसा प्रतिनिधि के अनुसार, रजमान-उल-मुबारक इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना है.
रमजान माह के पहले जुमे की नमाज आज
बक्सर/चौसा : रमजान माह का पहला जुमा शुक्रवार को होगा.रमजान के पहले जुमे के अवसर पर मस्जिदों में रोजेदारों का हुजूम उमड़ेगा. इसके मद्देनजर मस्जिदों की साफ-सफाई पूरी कर ली गयी है. मुल्क के लिए अमन चैन की दुआ मांगी जायेगी. मस्जिदों में नमाज का विशेष प्रवचन होगा. वहीं दूसरी ओर चौसा प्रतिनिधि के अनुसार, […]

यह रहमतों वाला, बरकतों वाला महीना है, जिसमें अल्लाह शैतान को कैद कर देता है, जिससे वह लोगों की इबादत में खलल न डाले. रमजान-उल-मुबारक में हर नेकी का सवाब 70 गुना कर दिया जाता है. हर नवाफिल का सवाब सुन्नतों के बराबर और हर सुन्नत का सवाब फर्ज के बराबर कर दिया जाता है. इस तरह सभी फर्ज का सवाब 70 गुना कर दिया जाता है. मतलब यह कि इस माहे-मुबारक में अल्लाह की रहमत खुलकर अपने बंदों पर बरसती हैं.
जामियां मस्जिद के इमाम मौलाना मो तौकीर फरमाते हैं कि यूं तो रमजान का पूरा महीना मोमिनों के लिए खुदा की तरफ से अजमत, रहमत और बरकतों से लबरेज है, लेकिन अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में बांटा है. पहला अशरा खुदा की रहमत वाला है. जो एक से 10 रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है. रमजान का चांद नजर आते ही शैतान कैद कर लिया जाता है.जन्नत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं और दोजख के दरवाजे बंद कर दिये जाते हैं और अल्लाहतआला अपनी रहमत से गुनाहगारों को अजाब से निजात देते हैं.नेक काम के सवाब में 70 गुना इजाफा कर दिया जाता है.
रसूल सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने फरमाया कि अगर लोगों को मालूम हो जाये कि रमजान क्या चीज है तो मेरी उम्मत साल के 12 महीने रमजान होने की तमन्ना करेगी.रमजान का महीना रहमत व बरकत वाला है.हर मर्द, बच्चे, औरत और बूढ़ रोजे का साथ नमाज-तरावीह में मशगूल रहते हैं.फिलहाल पहला अशरा चल रहा है. जिसमें सभी मोमीन खुदा की इबादत में मशगूल है.