बक्सर : सूर्योपासना के पर्व छठ गुरुवार को धूमधाम से मनाया जायेगा. छठ पूजन की तैयारी जोर-शोर से हो रही है. प्रमुख घाटों की साफ-सफाई की जा रही है. खरना के साथ आज से छठ मैया का व्रत प्रारंभ हो गया.
घरों की सफाई और पूजा सामान की तैयारी की जा रही है. सूर्य पूजा का चार दिवसीय महोत्सव 11 अप्रैल से अस्ताचलगामी सूर्य के अर्घ के साथ प्रारंभ हो जायेगा. वहीं 12 अप्रैल को उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन हो जायेगा.
सूर्य षष्ठ व्रत सुहागिन महिलाएं और पुरुष करते हैं. इसमें पंचमी से सप्तमी दिन का उपवास किया जाता है. पंचमी (खरना) के दिन शाम को बिना नमक वाला भोजन किया जाता है. श्रद्धालु गुड़, चावल युक्त खीर का सेवन कर छठव्रत प्रारंभ किये. षष्ठी को पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे.
वहीं अगले दिन सप्तमी को उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन प्रसाद ग्रहण करने के साथ करेंगे. बताया जाता है कि छठ पर्व की पूजा नि:संतान परिवार वाले संतान की प्राप्ति के लिए और संतान वाले लोग परिवार में सुख, शांति और सभी की निरोगी काया के लिए रखते हैं.
