74 डॉक्टरों के भरोसे 18 लाख की आबादी

बक्सर : जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी है. इसे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वर्ष 2011 के जनगणना के मुताबिक बक्सर जिले की जनसंख्या करीब 18 लाख है. सरकारी प्रावधानों के मुताबिक एक हजार की आबादी […]

बक्सर : जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी है. इसे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वर्ष 2011 के जनगणना के मुताबिक बक्सर जिले की जनसंख्या करीब 18 लाख है.
सरकारी प्रावधानों के मुताबिक एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर रहना चाहिए, लेकिन इतनी बड़ी आबादी का इलाज करने के लिए सरकारी अस्पतालों में महज 74 चिकित्सक ही कार्यरत है.जबकि जिले के सरकारी अस्पतालों में सरकार के द्वारा 170 पद स्वीकृत है, जिसमें 96 पद रिक्त है.
सिविल सर्जन बक्सर द्वारा प्राप्त आंकड़े के मुताबिक जिले में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक सहित कुल स्वीकृत 946 पदों में 429 पद पर लोग कार्यरत हैं. जबकि 517 पद रिक्त पड़े हैं.सरकारी सदर अस्पताल में केवल एक सर्जन चिकित्सक स्पेशलिस्ट के नाम पर है. वहीं सरकारी अस्पताल में काम करने वाले कुछ वैसे ही चिकित्सक हैं, जो अपना प्राइवेट अस्पताल खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं.
वहीं जिले में बगैर डिग्री वाले चिकित्सक भी धड़ल्ले से अपना अस्पताल खोल चिकित्सकीय कार्य मनमानी तरीके से कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जिंदगी खतरे में है. जिले में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह विफल साबित हो रही है. जिले में अधिकांश नर्सिंग होम बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे हैं. नर्सिंग होम पर भी स्वास्थ विभाग का लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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