अर्थदंड की 80 प्रतिशत राशि मृतक की विधवा को देनी है एफटीसी टू वीरेंद्र सिंह ने सुनाया फैसला

बक्सर कोर्ट : हत्या के एक मामले में न्यायालय ने 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही कुल छह लाख 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. गुरुवार को खचाखच भरे न्यायालय में फैसला सुनाया गया, जिसके बाद सभी अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया गया. बताते […]

बक्सर कोर्ट : हत्या के एक मामले में न्यायालय ने 10 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही कुल छह लाख 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. गुरुवार को खचाखच भरे न्यायालय में फैसला सुनाया गया, जिसके बाद सभी अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया गया. बताते चलें कि पिछले शनिवार को सुनवाई के बाद न्यायालय ने 10 अभियुक्तों को दोषी पाया था. वहीं प्राथमिकी अभियुक्त सहोदरा देवी को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया गया था. गुरुवार को फैसले को लेकर सुबह से ही न्यायालय में गहमागहमी का माहौल देखने को मिला. ठीक 10:30 बजे सभी अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में हाजिर किया गया,

जहां दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद उक्त फैसला सुनाया गया. फैसला सुनाये जाने के समय सभी अभियुक्तों के चेहरे उड़े हुए थे. फैसले को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, जहां एक साथ इतने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ अर्थदंड भी लगाया गया.

क्या था मामला : राजपुर थाने के लालमन राय डेरा पर दिनदहाड़े हुई इस हत्या की चर्चा काफी दिनों तक जिले में होती रही. घटना को लेकर थाने में प्राथमिकी संख्या 76 वर्ष 2009 हरिराम सिंह द्वारा दर्ज करायी गयी थी. भूमि विवाद में हुई इस हत्या में कुल 12 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, जिसमें सहोदरी देवी, जयनाथ सिंह, तेज नारायण सिंह, हृदयानंद सिंह, नंदलाल सिंह, छोटेलाल सिंह, जय किशन सिंह, वीरेंद्र सिंह, नंदकिशोर सिंह, मोती लाल यादव एवं दिनेश सिंह के नाम शामिल थे.
सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त की मृत्यु हो गयी थी. ऐसे में कुल 11 अभियुक्तों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गयी, जिसमें साक्ष्य के अभाव में प्राथमिकी अभियुक्त सहोदरा देवी को पिछले दिनों रिहा कर दिया गया. जबकि 10 अभियुक्तों को दोषी पाया गया था. घटना को दिन में 10:00 बजे उस वक्त अंजाम दिया गया था जब उसी गांव के रहनेवाले हरिहर सिंह को मजमा बनाकर अभियुक्तों ने घेर लिया था तथा सामान्य आशय से हमला कर दिया. अभियुक्तों के द्वारा बंदूक से चलायी गयी गोली हरिहर सिंह को सीने में जा लगी थी, जिसके चलते घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी थी.
क्या कहा न्यायालय ने : फैसला सुनाये जाने के पहले न्यायालय ने कहा कि उक्त मामले की सुनवाई में हर पहलू पर ध्यान दिया गया है. काउंटर केस आदि विधिक मामलों के चलते कम-से-कम अर्थदंड लगाया जा रहा है, जिसके बाद न्यायाधीश ने मुख्य अभियुक्त दिनेश सिंह को सश्रम आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. साथ ही धारा 148 के तहत दो वर्ष एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत पांच वर्षों की सजा सुनायी. अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को तीन वर्षों तक अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे.
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी : वहीं अभियुक्त तेज नारायण एवं वीरेंद्र सिंह को 302 एवं 149 के तहत आजीवन कारावास एवं अर्थदंड के रूप में 60 हजार रुपये प्रत्येक को देने होंगे. अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे. बाकी छह अभियुक्तों को अदालत ने दफा 302 एवं 149 के तहत आजीवन कारावास एवं 60 हजार रुपये बतौर हर्जाने के रूप में देने की सजा सुनायी है. सुनवाई में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रामकृष्ण चौबे एवं त्रिलोकी मोहन ने बहस में हिस्सा लिया.

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