मां गंगा की गोद में आया हूं : मलिक

कार्यक्रम. सवा लाख दीपों से जगमगाया गंगा तट, देव दीपावली में पहुंचे राज्यपाल बक्सर : धर्म और अध्यात्म की नगरी बक्सर का महत्व मिनी काशी से होता है. यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस धरती पर आया हूं, जहां भगवान श्रीराम को शिक्षा मिली थी. उक्त बातें सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने देव […]

कार्यक्रम. सवा लाख दीपों से जगमगाया गंगा तट, देव दीपावली में पहुंचे राज्यपाल

बक्सर : धर्म और अध्यात्म की नगरी बक्सर का महत्व मिनी काशी से होता है. यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस धरती पर आया हूं, जहां भगवान श्रीराम को शिक्षा मिली थी. उक्त बातें सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने देव दीपावली महोत्सव में शामिल होने आये अपने संबोधन के दौरान कहीं. शनिवार की शाम चार बजे हेलीकॉप्टर से किला मैदान पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
इसके बाद उनका काफिला सर्किट हाउस रवाना हो गया. इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. देव दीपावली का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया. राज्यपाल रामेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे जहां पूजा-अर्चना की. इसके पश्चात स्मारिका देव दीपावली का विमोचन किया. इस दौरान केंद्रीय राज्य एवं स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, पूर्व चीफ जस्टिस यूपी सिंह, संत राजाराम महाराज उपस्थित थे.
विकसित होगा बक्सर, दिखने लगेगा बदलाव : देव दीपावली समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जिस तरह राजनीति में बदलाव होता है. उसी तरह धार्मिक स्थलों का भी कायाकल्प होना चाहिए. बक्सर की धरती अध्यात्म की नगरी है. इसको विकसित करना हम सब की जिम्मेदारी है. बक्सर का देश में एक अलग महत्व है. विश्वामित्र की धरती कई मायनों में और जगहों से अलग है. यह वह नगरी है, जहां भगवान को शिक्षा मिली थी. इस नगरी की जितनी भी प्रशंसा की जाये वह कम है. राज्यपाल ने बक्सरवासियों को आनेवाले दिनों में बदलाव का भी भरोसा दिलाया.
रामेश्वरनाथ मंदिर में टेका माथा, की पूजा-अर्चना : राज्यपाल रामेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे जहां पूजा-अर्चना की. रामेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर विशेष व्यवस्था की गयी थी. विद्वान ब्राह्मणों द्वारा पूजा-अर्चना करायी गयी. इस दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गयी थी. पूजा-अर्चना करने के बाद रामरेखा घाट स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां से उन्होंने अपना संबोधन किया. इस दौरान स्कूली छात्राओं ने राज्यपाल के स्वागत में स्वागत गीत प्रस्तुत किया.
राज्यपाल ने कहा, अध्यात्म की धरती है बक्सर, यहां आकर मैं धन्य हो गया
देव दीपावली कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर देव दीपावली का उद्घाटन किया. इसको लेकर सवा लाख दीप जलाये गये थे. दीप प्रज्वलित करने के साथ ही पूरा गंगा घाट सवा लाख दीपों से जगमगा उठा. गंगा घाट की शोभा देखने में बन रही थी. कार्तिक पूर्णिमा के साथ-साथ देव दीपावली महोत्सव को लेकर खासा भीड़ देखने को मिली.
राजनीति से ले लिया था सन्यास तो विश्वामित्र की लोगों ने दिलायी याद
अपने भाषण के दौरा राज्यपाल ने कहा कि उन दिनों की सरकारों से मैं दुखी होकर राजनीति से सन्यास ले लिया था. जिसके बाद कुछ लोग पहुंचे और बोले कि विश्वामित्र ऋषि जब अस्त्र शस्त्र उठाना छोड़ दिये थे तो असुर उन्हें यज्ञ नहीं करने दे रहे थे. इसके बाद उन्हें राम को शिक्षा देकर असुरों का नाश कराना पड़ा. इसी से प्रेरित होकर मैंने फिर राजनीति में कदम रखा.
दिया गया प्रतीक चिह्न : देव दीपावली महोत्सव में शामिल होने आये राज्यपाल को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान आयोजन समिति तथा स्थानीय सांसद एवं कई गण्यमान्य लोग उपस्थित थे. प्रतीक चिह्न के रूप में कृष्ण भगवान की मूर्ति उन्हें दी गयी. इसके बाद देव दीपावली पुस्तक का महामहिम द्वारा विमोचन किया गया.
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने अस्पताल का किया उद्घाटन : बक्सर के पुराने अस्पताल में बनाये गये शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने उद्घाटन किया. इस दौरान सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल समेत कई लोग उपस्थित थे. यहां 24 घंटे मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध रहेगी. इस दौरान मंत्री ने कहा कि आनेवाले दिनों में अस्पताल की और सुविधाएं बढ़ायी जायेंगी.
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था थी सख्त : राज्यपाल के आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा, एसपी राकेश कुमार घूम-घूम कर सुरक्षा का जायजा ले रहे थे. कई जगहों पर बैरियर लगाया गया था. बिना जांच के किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था. बड़े और छोटे वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रूप से कार्यक्रम तक रोक लगाया गया था. वहीं चौक-चौराहों पर सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया था.
हेलीकॉप्टर देखने के लिए लगी रही लोगों की भीड़ : किला मैदान में हेलीपैड बनाया गया था, जहां राज्यपाल का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ. हेलीकॉप्टर देखने को लेकर लोगों की भीड़ लगी रही. कार्यक्रम स्थल से लेकर किला मैदान को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. सड़क के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गयी थी. इसके साथ ही कई स्थलों पर बैरियर भी लगाये गये थे.
कार्यक्रम एक नजर में
शाम 4:11 बजे-किला मैदान में हेलीकॉप्टर का लैंडिंग
शाम 4:18 बजे-गार्ड ऑफ ऑनर
शाम 4:29 बजे-राज्यपाल सर्किट हाउस रवाना
शाम 5:10 बजे-मंच पर पहुंचे सभी अतिथि
शाम 5:20 बजे-राज्यपाल रामरेखा घाट पहुंचे
शाम 5:25 बजे-दीप प्रज्वलन
शाम-5:43 बजे-राज्यपाल का अभिभाषण
शाम 6:06 बजे-रामरेखा घाट से प्रस्थान
शाम 6:40 बजे-पटना के लिए रवाना

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