बिहारशरीफ : सासाराम में जहरीली शराब के सेवन से हुई चार की मौत के बाद उत्पाद विभाग की सांसे थम सी गयी है. उत्पाद विभाग ने उन विभागीय कमजोरी का उजागर करना शुरू कर दिया है, जिससे नयी उत्पाद नीति के सफल क्रियान्वयन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. विभाग के वरीय अधिकारी इस बात को लेकर खासा चिंतित है कि अगर किसी तरह की अनहोनी जिले में घटती है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा.
सीमित संसाधन व बल के अभाव की दुहाई देते हुए सोमवार को उत्पाद अधीक्षक प्रहलाद भूषण प्रसाद ने सोमवार को उत्पाद आयुक्त को पत्र लिखकर उक्त सभी बातों की जानकारी दी है. उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि इससे पूर्व भी तीन बार इसी तरह का पत्र उत्पाद आयुक्त को भेजा जा चुका है, बावजूद इसके इस संबंध में किसी तरह की कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गयी. उत्पाद आयुक्त को लिखे अपने पत्र में उत्पाद अधीक्षक ने कहा है कि नालंदा में स्वीकृत बल के विरूद्ध पदस्थापना बल की संख्या काफी कम है.
नयी उत्पाद नीति के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन में व्याहारिक रूप से काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. उत्पाद आयुक्त को लिखे अपने पत्र में उत्पाद अधीक्षक ने कहा है कि नालंदा काफी बड़ा जिला है. बल व स्वीकृत पद के खाली रहने से छापेमारी की कार्रवाई पूरी नहीं हो पा रही है.
