बक्सर, कोर्ट : सरकारी राशि गबन करने के मामले में पैक्स अध्यक्षों की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है. राशि के साथ-साथ अब उन्हें जेल की भी हवा खानी पड़ रही है. राजपुर थाना कांड संख्या 126/2015 के आरोपित देवढ़िया पैक्स अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में सरेंडर कर दिया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
विदित हो कि जिले में धान के गबन को लेकर करोड़ों के घपलेबाजी की गयी थी. जिसके बाद सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर मुहिम चलाते हुए आपराधिक मामले दर्ज किये गये थे.
इस संबंध में जिला प्रबंधक खाद्य निगम उदय प्रताप सिंह ने राजपुर थाने में आधा दर्जन पैक्स अध्यक्षों के विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र एवं सरकारी माल के गबन को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी में बताया गया था कि पैक्स अध्यक्षों ने षड्यंत्र रचते हुए कुल 19272.00 क्विंटल धान का गबन किया है, जिसकी कीमत तीन करोड़ 24 लाख 73 हजार 320 रुपये है. व्यापक स्तर पर हुए इस घोटाले के बाद सरकार के कान खड़े हो गये थे,
जिसके बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर पैक्स अध्यक्षों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की गयी थी. ऐसे में पुलिस की दबिश के चलते एक-एक कर कई पैक्स अध्यक्षों ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया था. शुक्रवार को देवढ़िया पैक्स अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. बता दें कि पैकस अध्यक्षों पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई से जिले के अन्य घपलेबाजों में दहशत का माहौल कायम हो गया है. धीरे-धीरे कर सभी आरोपित पैक्स अध्यक्ष कोर्ट में पुलिस दबिश के कारण सरेंडर कर रहे हैं.
सरकारी धान लेने के बाद सीएमआर चावल की नहीं की गयी थी आपूर्ति
पैक्स अध्यक्षों ने राशि का किया था गबन
