बीईओ ने एचएम से मांगा स्पष्टीकरण
11 अक्तूबर को ली जायेगी परीक्षा
चौगाईं : हिंदी की परीक्षा नहीं होने पर छात्रों के अभिभावकों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा. परिजनों ने विद्यालय में जाकर जमकर हंगामा किया, जिससे अफरातफरी का माहौल कायम हो गया.
इस मामले में बीईओ ने एचएम से स्पष्टीकरण की मांग की है. स्पष्टीकरण समय-सीमा के अंदर नहीं देने पर कार्रवाई की जायेगी. जानकारी के अनुसार गुरुवार के दिन एक से आठ तक छात्रों को हिंदी की परीक्षा लेनी थी. छात्र परीक्षा देने के लिए मध्य विद्यालय मुरार पहुंचे, तो प्राचार्य ने बच्चों की परीक्षा नहीं ली. छात्रों ने इसकी सूचना अपने अभिभावकों को दी, जिसके बाद अभिभावक विद्यालय पहुंचे. परीक्षा नहीं लेने के संबंध में जब अभिभावकों ने प्राचार्य से पूछा, तो उन्होंने कोई भी सही जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा और हंगामा करने लगे. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय के प्राचार्य पीर मोहम्मद हिंदी की परीक्षा नहीं लेना चाहते हैं,
जिससे बच्चे हिंदी की परीक्षा नहीं दे पाये. अभिभावकों का आरोप था कि वे उर्दू को बढ़ावा देने के लिए इस तरह का कार्य कर रहे हैं. आक्रोशित लोगों ने कहा कि प्रधानाध्यापक बच्चों के साथ ठीक से व्यवहार भी नहीं करते हैं. बच्चे इनके स्वभाव से हमेशा परेशान रहते हैं.
अभिभावक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे, जिसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी स्कूल पहुंचे और परीक्षा न लेने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एचएम से स्पष्टीकरण की मांग की है. इस दौरान प्राचार्य ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए 11 अक्तूबर को परीक्षा लेने की बात कही. हंगामा करनेवालों में भाजपा नेता नंदलाल पंडित, रमेश पांडेय, शिवकुमार तिवारी, राकेश गौतम, सुनील कुमार, परदेशी कुमार आदि लोग थे.
