करोड़ों की लागत से आहर व पइन का होगा निर्माण

इसी माह से निर्माण का कार्य होगा शुरू बक्सर : किसानों की फसलें अब हमेशा लहलहाती रहेंगी. पटवन के अभाव में फसल खराब नहीं होगी. इसके लिए लघु सिंचाई विभाग तीन करोड़ 50 लाख की लागत से आहर पइन का निर्माण करायेगा. अंतिम छोर तक इससे पटवन का कार्य पूरा होगा. अक्तूबर माह से इस […]

इसी माह से निर्माण का कार्य होगा शुरू

बक्सर : किसानों की फसलें अब हमेशा लहलहाती रहेंगी. पटवन के अभाव में फसल खराब नहीं होगी. इसके लिए लघु सिंचाई विभाग तीन करोड़ 50 लाख की लागत से आहर पइन का निर्माण करायेगा. अंतिम छोर तक इससे पटवन का कार्य पूरा होगा. अक्तूबर माह से इस योजना पर विभाग कार्य शुरू करेगा. वैसे किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा जो नहरी क्षेत्र में नहीं है. जिले का 20 प्रतिशत भाग में नहर की पहुंच नहीं है. इस कारण किसानों को वर्षा पर ही निर्भर रहना पड़ता है. आहर पइन का निर्माण होने से किसानों के खेतों तक अब आसानी से पानी पहुंचेगा. इस योजना की तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है. प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है
. स्वीकृति मिलने के साथ ही अक्तूबर से आहर पइन निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जायेगा. विभाग ने भी इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली है. एक आंकड़े के अनुसार पानी के अभाव में किसानों की एक तिहाई फसलें बर्बाद हो जाती है. जिनका उत्पादन पर असर पड़ता है.
जल्द कार्य होगा शुरू: आहर पइन निर्माण का कार्य अक्तूबर से शुरू हो जायेगा. इसके लिए विभाग ने पुराने आहर और पइन का सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है. जो आहर और पइन मरम्मती के अभाव में जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़े हुए हैं. उन पर राशि खर्च कर मरम्मत का कार्य कराया जायेगा. इसके साथ ही नये आहर पइन का निर्माण कार्य भी कराया जायेगा. जिससे किसानों की फसल पानी के अभाव में बर्बाद नहीं होगी.
पानी के अभाव में एक तिहाई फसल हो जाती है बर्बाद: फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में चाहिए. खासकर धान की फसल में नियमित रूप से पानी का होना जरूरी है. जिले का 20 प्रतिशत इलाका नहर से वंचित है. ऐसे में किसानों को आहर और ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ता है. वर्षापात कम होने के कारण भूगर्भ जल की समस्या उत्पन्न हो जाती थी. जिस कारण एक तिहाई फसल फसल बर्बाद हो जाती थी. इसे देखते हुए विभाग ने इस योजना के तहत आहर पइन के निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू करेगा.
इन इलाकों के लोगों को होगा फायदा: जिले के उत्तरी इलाका खासकर सिमरी और चक्की के किसानों को इस योजना से फायदा मिलेगा. 80 प्रतिशत जिले का इलाका नहरी क्षेत्र में आता है. ऐसे में सिमरी और चक्की के किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.अब उनकी फसलें पानी के अभाव में बर्बाद नहीं होगी.
बोले सहायक अभियंता
इस योजना के तहत आहर पइन का निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया जाना है. इससे काफी हद तक पटवन की समस्या से किसानों को निजात मिलेगी. राशि की तकनीकी स्वीकृति मिल गयी है. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के साथ ही कार्य शुरू कर दिया जायेगा.
लक्ष्मीकांत चौधरी, सहायक अभियंता,बक्सर

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