बक्सर, कोर्ट : मंगलवार को महिला की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे गिरफ्तार छह युवकों को नगर थाना पुलिस ने भारी विरोध के बाद बुधवार को जेल भेज दिया. पुलिस द्वारा गिरफ्तार युवकों की बर्बरता पूर्वक हुई पिटाई के विरोध में समाहरणालय से लेकर कोर्ट परिसर तक लोग धरना पर बैठे रहे. जख्मी युवकों […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बक्सर, कोर्ट : मंगलवार को महिला की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे गिरफ्तार छह युवकों को नगर थाना पुलिस ने भारी विरोध के बाद बुधवार को जेल भेज दिया. पुलिस द्वारा गिरफ्तार युवकों की बर्बरता पूर्वक हुई पिटाई के विरोध में समाहरणालय से लेकर कोर्ट परिसर तक लोग धरना पर बैठे रहे. जख्मी युवकों का इलाज भी नहीं कराया गया.
युवकों को जब पुलिस वैन में बैठाकर कोर्ट ले जा रही थी, तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की. कोर्ट परिसर में भी भारी हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे अफरातफरी का माहौल कायम हो गया. स्थिति को अनियंत्रित होते देख कोर्ट परिसर के मुख्य गेट को बंद कर जवानों की तैनाती कर दी गयी. पुलिस ने आनन-फानन में न्यायिक प्रक्रिया को पूरा कर गिरफ्तार युवकों को जेल भेज दिया. आक्रोशित लोग काफी देर तक जमे रहे. लेकिन, अधिवक्ताओं के द्वारा दिये गये आश्वासन के बाद सभी कोर्ट परिसर से बाहर चले गये.
पुलिस की पिटाई से जख्मी हुआ छात्र : आंदोलन करनेवाले छात्रों ने न्यायालय में पहुंचने के साथ एक-एक कर पुलिस की बर्बरता को बताया व मीडिया को दिखाया. गिरफ्तार छात्र संदीप ठाकुर ने अपनी पीठ के गहरे जख्म को दिखाते हुए बताया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को बेवजह पुलिस ने बर्बरता पूर्वक पिटाई की. वहीं, अजय मिश्रा ने बताया कि रात भर हाजत में हम लोगों को खाना तो दूर,
पानी भी नहीं दिया. गिरफ्तार युवकों में सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि वो एक शिक्षक है तथा नदांव में नियुक्त है. उसे इस मामले की कोई जानकारी भी नहीं है. वह कल शाम थाना के रास्ते अपने घर लौट रहा था कि अचानक दौड़कर पुलिसवालों ने उसे पकड़ लिया.
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
जिन युवकों को पकड़ा गया है, उसमें से दो शिक्षक हैं. जबकि चार युवक पढ़ाई करते हैं और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं. छात्रों पर आइपीसी की धारा 145, 149, 342, 323, 332, 353 सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
क्या था मामला, क्यों पकड़ा गया युवकों को : विश्वामित्र हॉस्पिटल में इलाज के दौरान इटाढ़ी थाना क्षेत्र के करजुआ गांव निवासी रंजन कुमार रजक की पत्नी प्रभा देवी की मौत मंगलवार को हो गयी थी. इस दौरान परिजनों ने यह कहकर मामले को तूल दे दिया कि किडनी निकाल ली गयी है, जिसके बाद कुछ लोग महिला के परिजनों के समर्थन में उतर आये और नगर थाने के समीप शव को रखकर अस्पताल को सील करने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिये. इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर की. इस दौरान विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने के मामले में शिक्षक अजय मिश्रा, छात्र नेता संदीप ठाकुर, शिक्षक सत्य प्रकाश सिंह सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उन पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया.